वाराणसी : चहारदीवारी के निर्माण का विरोध करने पर घर में घुसकर हमला करने के मामले में पिता-पुत्र को कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई। अपर जिला जज (षष्ठम) आलोक कुमार की अदालत ने बभनपुरा, कमौली (चौबेपुर) निवासी आरोपित अवधेश नारायण सिंह व उसके पुत्र बृजेश सिंह को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने की दशा में एक-एक लाख रुपए एक जमानतदार और बंधपत्र देने पर अग्रिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता विकास सिंह, आशुतोष उपाध्याय व अजहर खान ने पक्ष रखा।
प्रकरण के अनुसार वादी मुकदमा पंकज कुमार सिंह ने चौबेपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि 26 नवंबर 2025 को करीब 4:30 बजे शाम वादी अपने पैतृक मकान स्थित ग्राम नेवादा में मौजूद था और अपने मकान की बाउंड्री वाल बनवा रहा था। उसी दौरान वादी के पट्टीदार अवधेश नारायण सिंह व उनका पुत्र बृजेश सिंह उसके मकान पर चढ़ आये तथा बाउंड्री वाल निर्माण को रोकने लगे।
विरोध पर वे दोनों बाप-बेटा लाठी लेकर गाली देते हुए उसे मारने के लिए दौड़ाए वादी जान बचाने के लिए अपने मकान में घुस गया, लेकिन उसके बाद भी दोनों हमलावर उसके मकान में घुसकर उसे लाठी- डंडे से बुरी तरह से मार पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिए। शोर गुल पर उसके पिता सुरेंद्र सिंह तथा गांव के लक्ष्मण यादव आदि लोग आ गए और बीच बचाव किए।
जिसके बाद वहां से जाते समय उक्त दोनों हमलावर जान से मारने की धमकी देते हुए चले गये। हमले से उसके बायीं कलाई की हड्डी टूट गई। इस मामले में चौबेपुर पुलिस दोनों आरोपितों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। इसी मामले में दोनों पिता-पुत्र ने अग्रिम जमानत के लिए कोर्ट में अर्जी दी थी। जिसे सुनवाई के बाद अदालत ने मंजूर कर लिया।
