वाराणसी। टी-20 विश्व कप के महामुकाबले में भारतीय टीम की ऐतिहासिक फतह के लिए धर्मनगरी काशी में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। काशी के पौराणिक सिंधिया घाट पर ‘नमामि गंगे’ के सदस्यों और वेदपाठी बटुकों ने मां गंगा की विशेष आरती कर टीम इंडिया के लिए “विजयी भव” का उद्घोष किया।
वेद मंत्रों से दी गई आध्यात्मिक शक्ति
रविवार को भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाले खिताबी मुकाबले से पहले, महर्षि योगी वेद विज्ञान विद्यापीठ के बटुकों ने वैदिक ऋचाओं के साथ वातावरण को भक्तिमय कर दिया। गंगा की लहरों के बीच स्वस्तिवाचन, द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र, गंगाष्टकम और श्रीकाशी विश्वनाथष्टकम के मंत्रोच्चार से भारतीय खिलाड़ियों के मनोबल और विजय के लिए आशीर्वाद मांगा गया।
तिरंगे और तस्वीरों के साथ बढ़ाया मनोबल
इस दौरान गंगा सेवक हाथों में राष्ट्रध्वज तिरंगा और भारतीय क्रिकेटरों की तस्वीरें थामे नजर आए। गंगा की पावन लहरों को साक्षी मानकर सभी ने एक स्वर में प्रार्थना की कि विश्व कप का खिताब एक बार फिर भारत की झोली में आए।
”भारत में क्रिकेट केवल खेल नहीं, बल्कि एक भावना है। महादेव और मां गंगा का आशीर्वाद खिलाड़ियों को मैदान पर अदम्य मानसिक शक्ति प्रदान करेगा।”
— राजेश शुक्ला, संयोजक (नमामि गंगे, काशी क्षेत्र)
अहमदाबाद के मैदान तक पहुंचेगी काशी की दुआएं
आयोजन के संयोजक और नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला (जो स्वयं पूर्व राज्य स्तरीय क्रिकेटर रह चुके हैं) ने विश्वास जताया कि जब आज शाम अहमदाबाद के मैदान पर भारतीय टीम उतरेगी, तो उनके साथ करोड़ों भारतीयों की दुआएं और मां गंगा का सुरक्षा कवच होगा।
प्रमुख उपस्थिति :
इस विशेष पूजा-अर्चना में राजेश शुक्ला के साथ हरिओम मिश्रा, सौरभ मिश्रा, राजेंद्र नागर, सुहासिनी शर्मा, शालिनी बरनवाल और महर्षि योगी वेद विज्ञान विद्यापीठ के कई बटुक मुख्य रूप से शामिल रहे।
