वाराणसी : काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के पत्रकारिता एवं जनसंप्रेषण विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. स्वर्ण सुमन 6 जून 2026 को हांगकांग में आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में अपना शोध पत्र प्रस्तुत करेंगे। यह प्रतिष्ठित संगोष्ठी साहित्य संचय शोध संवाद फाउंडेशन, दिल्ली तथा साइंस टुगेदर, हांगकांग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की जा रही है। “वैश्विक विकास में संस्कृति एवं विज्ञान की भूमिका” विषय पर आधारित इस अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन हांगकांग स्थित वोंग चुंग रोड के हिन्दू टेंपल के मोहन हॉल में किया जाएगा।
कार्यक्रम में विश्व के विभिन्न देशों से आए शिक्षाविद, शोधार्थी, मीडिया विशेषज्ञ एवं विद्वान सहभागिता करेंगे। संगोष्ठी का उद्देश्य संस्कृति, विज्ञान और संचार के वैश्विक परिप्रेक्ष्य में उभरती चुनौतियों एवं संभावनाओं पर सार्थक विमर्श को बढ़ावा देना है।
डॉ. स्वर्ण सुमन इस अवसर पर “विज्ञान के प्रचार-प्रसार में मीडिया की भूमिका” विषय पर अपना शोध पत्र प्रस्तुत करेंगे। उनके शोध का मुख्य उद्देश्य यह है कि डिजिटल और पारंपरिक मीडिया माध्यम किस प्रकार वैज्ञानिक सोच, जागरूकता और शोधपरक जानकारी को आम जनमानस तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। शोध में विशेष रूप से सोशल मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म, समाचार माध्यमों तथा जनसंचार के बदलते स्वरूप के माध्यम से विज्ञान संचार की नई संभावनाओं का विश्लेषण किया गया है।
डॉ. स्वर्ण सुमन ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, “मैं अकादमिक रूप से मीडिया रिसर्च और विज्ञान संचार के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रहा हूँ। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर शोध प्रस्तुत करने से न केवल नए विचारों का आदान-प्रदान होता है, बल्कि वैश्विक स्तर पर अकादमिक सहयोग और शोध संस्कृति को भी मजबूती मिलती है। विज्ञान और मीडिया के बीच संवाद आज के समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है।”
उन्होंने यह भी कहा कि विज्ञान संचार को अधिक जनोन्मुखी बनाने में मीडिया संस्थानों, विश्वविद्यालयों और शोधकर्ताओं की साझा भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार, वैज्ञानिक विषयों को सरल भाषा और प्रभावी प्रस्तुति के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना समय की मांग है।
उल्लेखनीय है कि डॉ. स्वर्ण सुमन इसी वर्ष मार्च 2026 में इंडोनेशिया के बाली में आयोजित 11वें वर्ल्ड मीडिया कॉन्फ्रेंस में “कंट्री कोऑर्डिनेटर अवार्ड” से सम्मानित किए जा चुके हैं। मीडिया एवं संचार अध्ययन के क्षेत्र में उनके योगदान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।
डॉ. स्वर्ण सुमन की यह उपलब्धि काशी हिन्दू विश्वविद्यालय सहित भारतीय अकादमिक एवं मीडिया जगत के लिए गौरव का विषय मानी जा रही है।
विश्वविद्यालय परिवार, सहकर्मियों एवं शोधार्थियों ने उन्हें इस अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि पर शुभकामनाएं एवं बधाई प्रेषित की हैं।
