वाराणसी : कड़ाके की ठंड और शीतलहर को देखते हुए समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय महामना परिवार द्वारा संचालित महामना सेवा समिति ने आज मकर संक्रांति के पावन अवसर पर एक सराहनीय पहल की। समिति के सदस्यों ने छित्तूपुर ग्राम सभा स्थित मलिन बस्ती में पहुँचकर जरूरतमंदों के बीच कंबल और जूतों का वितरण किया।

दान और पुण्य का संगम
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मकर संक्रांति का दिन दान-पुण्य और परोपकार के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। सूर्य के उत्तरायण होने के इस उत्सव पर नर सेवा को ही नारायण सेवा मानते हुए समिति ने अभावग्रस्तों की मदद का संकल्प लिया।
कड़ाके की ठंड में मिली राहत।

वाराणसी में बढ़ रही ठंड के बीच मलिन बस्ती के निवासी संसाधनों की कमी से जूझ रहे थे। महामना सेवा समिति ने इस स्थिति को समझते हुए यहाँ राहत सामग्री वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया। कड़ाके की ठंड में कंबल और जूते पाकर बस्ती के बुजुर्गों और बच्चों के चेहरे खिल उठे।

प्रमुख सदस्यों की उपस्थिति
इस सेवा कार्य के दौरान महामना परिवार के सक्रिय सदस्य अनूप कुमार सिंह और अतुल कुमार मिश्रा मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने स्वयं अपने हाथों से लोगों को सामग्री प्रदान की और उनका हाल-चाल जाना।

समिति के डॉ रवि सिंह ने बताया कि: “महामना मालवीय जी के आदर्शों पर चलते हुए संस्था का उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की मदद करना है। आज मकर संक्रांति जैसे शुभ दिन पर किसी जरूरतमंद के काम आना ही सच्चा उत्सव है।”

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में भी इस तरह के सेवा कार्य जारी रहेंगे ताकि ठंड के इस मौसम में किसी भी जरूरतमंद को परेशानी न हो।
