वाराणसी : नगर आयुक्त ने हरतीरथ, औरंगाबाद और पीलीकोठी का किया निरीक्षण; PCTS बनाने के दिए निर्देश
27 में से 21 डंपिंग सेंटर अब तक किए जा चुके हैं विलोपित, अब 5-स्टार रैंकिंग की तैयारी
वाराणसी। धर्म और अध्यात्म की नगरी काशी को अगले छह माह के भीतर पूरी तरह ‘गार्बेज फ्री सिटी’ (कूड़ा मुक्त शहर) बनाने की तैयारी तेज हो गई है। नगर निगम प्रशासन अब सड़कों पर खुले में दिखने वाले कूड़ा घरों को इतिहास बनाने में जुट गया है। इसी क्रम में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने शनिवार को शहर के विभिन्न इलाकों का दौरा कर कूड़ा डंपिंग सेंटरों को पोर्टेबल कांपेक्टर ट्रांसफर स्टेशन (PCTS) में तब्दील करने की कार्ययोजना का जायजा लिया।
हरतीरथ और औरंगाबाद कूड़ा घर दो महीने में होंगे बंद
नगर आयुक्त ने शनिवार को हरतीरथ (विशेश्वरगंज), औरंगाबाद और पीलीकोठी स्थित कूड़ा घरों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिया कि हरतीरथ और औरंगाबाद में चयनित स्थलों का जल्द परीक्षण कराया जाए ताकि वहां पीसीटीएस का निर्माण शुरू हो सके। नगर निगम ने इन दोनों प्रमुख कूड़ा घरों को अगले दो महीने के भीतर पूरी तरह बंद करने का लक्ष्य रखा है।
5-स्टार रैंकिंग पर नगर निगम की नजर
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, वर्ष 2025 में वाराणसी को ‘गार्बेज फ्री सिटी’ के तहत थ्री-स्टार रैंकिंग हासिल हुई थी। इस बार निगम का लक्ष्य फाइव-स्टार रैंकिंग प्राप्त करना है। इसके लिए स्वच्छता अभियान के बुनियादी ढांचे में बड़े बदलाव किए जा रहे हैं।
“चरणबद्ध तरीके से शहर के सभी कूड़ा घरों को बंद किया जा रहा है। हमारा लक्ष्य है कि अगले छह महीने में बनारस की सड़कों पर एक भी खुला कूड़ा घर न दिखे। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया को भी तेज कर दिया गया है।” > — हिंमाशु नागपाल, नगर आयुक्त
अब तक की प्रगति: एक नजर में
स्वच्छ भारत मिशन के तहत नगर निगम की टीम अब तक उल्लेखनीय सफलता हासिल कर चुकी है:
कुल डंपिंग सेंटर: 27
विलोपित (बंद) किए गए: 21 (पिछले डेढ़ साल में 6 बंद हुए)
रिफ्यूज कांपैक्टर युक्त स्थल: 05
PCTS में तब्दील स्थल: 03
निरीक्षण के दौरान अपर नगर आयुक्त सविता यादव, पार्षद सुरेश चौरसिया, पार्षद प्रवीण राय, जोनल स्वच्छता अधिकारी संदीप भार्गव और अभियंता अगम कटियार सहित अन्य अधिकारी व जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। पीलीकोठी ट्रांसफर स्टेशन पर व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ करने के भी निर्देश दिए गए हैं।