लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के बुनियादी ढांचे को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से मंगलवार को राजधानी में प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं (Infrastructure Projects) की उच्चस्तरीय समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में निर्देश दिए कि विकास की राह में कोई भी देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण में लाएं तेजी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित सभी एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं के लिए भूमि क्रय की प्रक्रिया को बिना किसी विलम्ब के गति दी जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक्सप्रेस-वे केवल सड़क नहीं, बल्कि प्रदेश में निवेश, औद्योगिक गतिविधियों और क्षेत्रीय संतुलित विकास की जीवनरेखा हैं। भूमि अधिग्रहण समय पर होने से निर्माण कार्य समय से शुरू हो सकेंगे और विकास को नई गति मिलेगी।

’गंगा एक्सप्रेस-वे’ और ‘ग्रेटर नोएडा हब’ पर विशेष जोर
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री के मुख्य निर्देश इस प्रकार रहे:
- गंगा एक्सप्रेस-वे: निर्माण के शेष कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा कर इसे जल्द से जल्द आम जनता के लिए संचालित करने के निर्देश दिए।
- मल्टी-मॉडल हब: ग्रेटर नोएडा में विकसित हो रहे मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक हब (MMLH) और मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब (MMTH) को उच्च गुणवत्ता और तय समयसीमा के भीतर पूर्ण करने पर जोर दिया।
- बुंदेलखंड विकास: बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (BIDA) की परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए इसे क्षेत्र के कायाकल्प का माध्यम बताया।
गुणवत्ता और पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं
मुख्यमंत्री ने सिंचाई, ऊर्जा और पर्यटन विभाग की परियोजनाओं की भी विस्तार से पड़ताल की। उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत देते हुए कहा:
”सभी विभाग आपसी समन्वय (Co-ordination) के साथ कार्य करें। हर परियोजना में पारदर्शिता, उच्च गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि जनता को इन विकास कार्यों का लाभ समय पर मिल सके।”
