April 11, 2021

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वाराणसी : काशीयात्रा के आखिरी दिन सलीम-सुलेमान के गीतों के दीवाने हुए युवा

वाराणसी : आईआईटी-बीएचयू हो रहे तीन दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम काशीयात्रा का रविवार को आखिरी दिन वही आखिरी निशा में एडीवी ग्राउंड पर रविवार शाम जुटे युवाओं की बेसब्री देखते ही बन रही थी। हूटिंग के साथ वे बार-बार अपनी बेसब्री का इजहार कर रहे थे। जोश और उमंग इतना कि सर्द हवा के झोकों का भी कोई असर नहीं था। जैसे ही सलीम-सुलेमान की जोड़ी के मंच पर आने का एलान हुआ, वैसे ही सरगर्मी बढ़ गई।

मौका था रविवार को काशी यात्रा की विराम निशा का। इस जोड़ी मंच पर आते ही ‘हौले-हौले… शब्दों से युवा श्रोताओं का अभिवादन किया। जवाब में सैकड़ों युवाओं ने हवा में हाथ लहराते हुए ‘हौले-हौले… का बोल गुंजा दिया। इस जोड़ी ने प्रशंसकों की मंशा के अनुरूप इसी गीत से अपनी प्रस्तुति का आगाज किया। कुछ ही क्षणों में मंच से मुखर हो रहे संगीत का जादू युवक-युवतियों के सिर चढ़ कर बोलने लगा। पियानो के विशेष इफेक्ट के लिए पहचानी जाने वाली बॉलीवुड की इस म्युजिकल जोड़ी ने अपने कई लोकप्रिय कंपोजिशन से काशी यात्रा की इस निशा को यादगार बना दिया। उन्होंने फिल्म कुरबान का गीत हिम्मत अता करो, ओ मददगार मौला से भी खूब तालियां बटोरीं।

इससे पूर्व दिन काशी यात्रा के अन्य कार्यक्रम राजपूताना खेल मैदान में हुए। मैदान का मुख्य मंच नृत्य को समर्पित रहा जबकि संस्थान के सभागार में संवेदनाओं की मुखर अभिव्यक्ति हुई। प्रश्नोत्तरी व संभाषण प्रतियोगिता में युवा प्रतिभागी एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ में लगे रहे। कृषि विज्ञान संस्थान के सभागार में अंग्रेजी हिंदी गीतों पर आधुनिक नृत्य शैली की प्रस्तुति हुई। तूलिका के तहत हुई फेस पेटिंग में प्रतिभागियों ने पशु पक्षियों के अंकन के माध्यम से जानवरों के प्रति क्रूरता का विरोध किया। उसकी निंदा करने वाले स्लोगन के साथ जंगल बचाओ का संदेश भी दिया। युवाओं ने चहरे पर शेर, तितली और गौरैया की आकृति बना कर उनके प्रति विशेष प्रेम दर्शाया।

मोनो ऐक्टिंग सत्र में प्रतिभागियों ने भंगिमाओं के माध्यम से संवाद किए। रंगबाजी प्रतियोगिता में हुनरबाजों ने बिना पेन, पेन्सिल का इस्तेमाल किए पेंटिंग बनाई। टूथ ब्रश व अंगुलियों से कल्पनाओं को साकार किया। वस्त्र-शिल्प प्रतियोगिता में कागज और फैब्रिक का इस्तेमाल कर प्रतिभागियों ने अपनी रचनात्मकता दिखाई। समूह नृत्य में प्रतिभागियों ने बढ़चढ़ कर हिस्सेदारी की। मेला क्विज और इंडिया क्विज को जज करने के लिए लोकेश काजा उपस्थित थे। इस प्रतियोगिता में जयंत यादव (दिल्ली यूनिवर्सिटी ) और मोहम्मद मुनाद ने बाजी मारी। राजपूताना ग्राउंड में सोलो डांस के फाइनल में गाजीपुर की मानसी वर्मा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। इंडी रॉक बैंड प्रतियोगिता में आईआईटी बीएचयू ने परचम लहराया।

https://youtu.be/EqPcJ5vJs64
काशीयात्रा में दिखा सलीम-सुलेमान का जादू…देखे वीडियो

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