April 11, 2021

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वाराणसी : अखिल भारतीय कवि सम्मेलन और मुशायरे का हुआ आयोजन

वाराणसी : ‘नदी के घाट पर अगर सियासी लोग बस जाएं, प्यासे लोग एक एक बूंद पानी को तरस जाएं,’… कुछ इस तरह से वरिष्ठ शायर यमुना प्रसाद उपाध्याय ने सियासत पर व्यंग्य किया। मौका था अखिल भारतीय कवि सम्मेलन और मुशायरे का जिसका आयोजन बीएचयू के एम्फीथिएटर मैदान में किया गया।


उदय प्रकाश ने जब सुनाया ,..अपने जीवन के जहर को मेरे जहर के जीवन में घोलने का नहीं ,जास्ती बात बोलने का नहीं , तो मौजूद श्रोताओं ने खड़े होकर तालियां बजाईं। आज एम्फीथिएटर मैदान का पंडाल इस तरह की पंक्तियों और शेरों से गुंजायमान था। दर्शकों ने हर बार खड़े होकर तालियों से हर कविता की पंक्तियों और शेर का इस्तकबाल किया। आज का अखिल भारतीय कवि सम्मेलन और मुशायरा की यह शाम कविता और शेरो-शायरी से गुलजार रही।

हर वर्ष स्पंदन के समापन के बाद काशी हिंदू विश्वविद्यालय अखिल भारतीय कवि सम्मेलन और मुशायरे का आयोजन करता है। हर वर्ष की भांति इस साल भी काशी हिंदू विश्वविद्यालय के एम्फीथिएटर मैदान में एक दिवसीय अखिल भारतीय कवि-सम्मेलन व मुशायरा का आयोजन किया गया ।प्रोफ़ेसर के.के. सिंह छात्र (कल्याण केंद्र) के संयोजन में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विश्वविद्यालय के छात्रों द्वारा कविता पाठ किया गया। इसमें विश्वविद्यालय के छात्रअपनी कविता, ग़ज़ल शायरी के माध्यम से लोगों का दिल जीतने में कामयाब रहे। SVDV, हिंदी विभाग और पत्रकारिता विभाग के छात्रों ने अपनी शानदार प्रस्तुति से वहां मौजूद दर्शकों का दिल जीता।

SVDV के छात्र ने अपने शब्दों तथा श्लोकों के माध्यम से व्यास और मैकाले की शिक्षा के अंतर को बखूबी अपनी कविता के माध्यम से उकेरा। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री जहीर कुरैशी ने किया। आमंत्रित अतिथियों में सागर त्रिपाठी, कलीम कैसर, यमुना प्रसाद उपाध्याय, जगदीश पंथी, भालचंद्र त्रिपाठी, बीएचयू के डॉक्टर प्रकाश उदय, चांदनी पांडे तथा रंजना राय उपस्थित थे । इस सम्मेलन में स्पंदन कार्यक्रम के कविता पाठ के विजेताओं को भी आमंत्रित कवियों के साथ मंच साझा करने का मौका मिला। कार्यक्रम का संचालन विश्वविद्यालय के शोध छात्र सुशांत शर्मा ने किया।

अतिथियों का स्वागत संबोधन छात्र अधिष्ठाता एम. के. सिंह ने मंच पर उपस्थित कवियों का अभिनंदन किया। डॉक्टर वशिष्ठ अनूप ने सभी अतिथि गणों का परिचय कराया । उन्होंने सम्मेलन में मौजूद सभी श्रोता गणों को भी बधाई दी। डॉ. अनूप ने कहा कि इस विश्वविद्यालय की धरती बहुत ही उर्वर है जहां से कई प्रतिभाशाली कवि हर वर्ष पैदा हो रहे हैं ।

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