वाराणसी। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) की नगर छात्रनिकाय द्वारा आयोजित वार्षिक सांस्कृतिक महोत्सव ‘उन्मेष 2026’ के अंतर्गत आज परिसर में रचनात्मकता का अनूठा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम के पहले दिन आयोजित फोटोग्राफी, मेहंदी और रंगोली प्रतियोगिताओं में 130 से अधिक छात्र-छात्राओं ने अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
मालवीय जी के नमन से हुई शुरुआत
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य संरक्षक प्रोफेसर ललित मोहन अग्रवाल (नगर छात्रनिकाय) द्वारा महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुआ। इस अवसर पर उन्होंने छात्रों को कला के माध्यम से सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।

प्रतियोगिताओं का आकर्षण
- फोटोग्राफी: प्रतिभागियों ने ‘प्रकृति के विविध रूप’ विषय पर अपनी रचनात्मक दृष्टि का परिचय दिया। दृश्य कला संकाय के सहायक आचार्य कृष्णा सिंह और वाराणसी के प्रख्यात छायाकार श्री मनीष खत्री ने निर्णायक की भूमिका निभाई।
- मेहंदी: छात्र-छात्राओं ने अपनी हथेलियों पर पारंपरिक और आधुनिक डिजाइनों को उकेरा। इसकी निर्णायक प्रो. सरोज रानी (महिला महाविद्यालय) और प्रो. रॉयना सिंह (चिकित्सा विज्ञान संस्थान) रहीं।
- रंगोली: ‘चैत्र नवरात्रि’ विषय पर आधारित इस प्रतियोगिता में छात्रों ने रंगों के माध्यम से धार्मिक और सांस्कृतिक भावनाओं को जीवंत कर दिया। इसका मूल्यांकन प्रो. अनुपम कुमार नेमा (सचिव, खेल एवं क्रीड़ा परिषद) और डॉ. मिथुन कुमार दत्ता (दृश्य कला संकाय) द्वारा किया गया।
सराहनीय रहा उत्साह
संपूर्ण कार्यक्रम का संयोजन एवं सफल संचालन डॉ. आशीष कुमार गुप्ता द्वारा किया गया। उन्होंने बताया कि ‘उन्मेष’ का उद्देश्य छात्रों को शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ उनके भीतर छिपी रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करना है। प्रतियोगिताओं में विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों से आए प्रतिभागियों का उत्साह और समर्पण विशेष रूप से सराहनीय रहा।
