लखनऊ/मेरठ। मेरठ के शास्त्री नगर स्थित सेंट्रल मार्केट के विवाद ने अब राजधानी तक दस्तक दे दी है। मंगलवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से पार्टी कार्यालय में मेरठ के व्यापारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। विधायक अतुल प्रधान के नेतृत्व में आए इस प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस की कथित बर्बरता और आजीविका पर आए संकट को लेकर एक ज्ञापन सौंपा और इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की मांग की।
‘आधी रात को पुलिसिया तांडव’, व्यापारियों ने सुनाया दुखड़ा
प्रतिनिधिमंडल ने अखिलेश यादव को बताया कि सेंट्रल मार्केट प्रकरण में हजारों व्यापारी और मजदूर पिछले कई दिनों से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी दुकानों और रोजी-रोटी को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि प्रशासन और पुलिस का रवैया दमनकारी रहा है।
व्यापारियों का कहना था कि:
- देर रात करीब 2 बजे भारी पुलिस बल ने धरना स्थल पर पहुंचकर टेंट उखाड़ दिए।
- उस समय वहां केवल 20 लोग मौजूद थे, जिन्हें डराया-धमकाया गया।
- सपा के झंडे लगाने पर कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया।
- पुलिस लगातार टकराव का माहौल पैदा कर आंदोलन को कुचलने का प्रयास कर रही है।
सपा सरकार आने पर समाधान का भरोसा
व्यापारियों की पीड़ा सुनने के बाद अखिलेश यादव ने उन्हें पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि यह केवल दुकानों का नहीं, बल्कि हजारों परिवारों के भविष्य का सवाल है। अखिलेश ने मांग की कि सरकार को सहानुभूति दिखाते हुए तुरंत पुलिस प्रताड़ना रोकनी चाहिए।
”सरकार चाहे तो मास्टर प्लान में बदलाव कर बीच का रास्ता निकाल सकती है। वर्षों से वहां व्यापार कर रहे लोगों को उजाड़ना गलत है। समाजवादी पार्टी की सरकार आने पर हम कानूनी समाधान निकालकर व्यापारियों के कारोबार और स्थान को सुरक्षित करेंगे।” — अखिलेश यादव, पूर्व मुख्यमंत्री
मुख्य मांगें और चिंताएं
प्रतिनिधिमंडल ने जोर देकर कहा कि इस कार्रवाई से लाखों लोगों की आजीविका प्रभावित हो रही है। व्यापारियों ने सपा प्रमुख से इस संवेदनहीन कार्रवाई के खिलाफ संसद और विधानसभा तक आवाज बुलंद करने की अपील की ताकि प्रशासन की मनमानी पर रोक लग सके।
