रायबरेली पहुँची जगद्गुरु की पालकी यात्रा; कहा- “शास्त्र और संवाद ही हमारा अस्त्र, हिंसा नहीं”
रायबरेली। गौवंश की रक्षा और गाय को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा दिलाने के संकल्प के साथ उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती ‘1008’ की ‘गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध शंखनाद यात्रा’ शनिवार शाम रायबरेली पहुँची। काशी से शुरू हुई इस यात्रा का मार्ग में जौनपुर, सुल्तानपुर और गौरीगंज होते हुए हजारों श्रद्धालुओं ने भव्य स्वागत किया।
सरकार को अल्टीमेटम: “36 दिन बीते, अब केवल 4 दिन शेष”
पत्रकारों से वार्ता करते हुए पूज्य महाराजश्री ने उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को ‘असली हिंदू’ या ‘नकली हिंदू’ साबित करने के लिए जो 40 दिनों का समय दिया गया था, उसमें से 36 दिन बीत चुके हैं। उन्होंने खेद जताते हुए कहा, “गौ हत्या निरोध और बीफ निर्यात पर पूर्ण प्रतिबंध जैसी हमारी पंचसूत्रीय माँगों पर सरकार की चुप्पी उनकी गो-भक्त विरोधी मानसिकता को दर्शाती है। अब सारी उम्मीदें शेष बचे 3 दिनों पर टिकी हैं।”
अहिंसक होगा आंदोलन
शंकराचार्य जी ने स्पष्ट किया कि 11 मार्च को लखनऊ में आयोजित होने वाली सभा पूरी तरह से अहिंसक और वैचारिक होगी। उन्होंने कहा, “हमारा अस्त्र शास्त्र और संवाद है, हिंसा नहीं। हम सत्ता को उसकी नैतिक और संवैधानिक जिम्मेदारी याद दिलाने निकले हैं। यदि समय रहते निर्णय नहीं हुआ, तो इसकी पूर्ण जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी।”
काशी से रायबरेली तक उमड़ा जनसैलाब
यात्रा की शुरुआत शनिवार सुबह काशी में गौ-पूजन और चिंतामणि गणेश के दर्शन के साथ हुई। संकटमोचन मंदिर में हनुमान चालीसा का पाठ कर महाराजश्री का काफिला रवाना हुआ।
- जौनपुर व सुल्तानपुर: बाबतपुर हाईवे, जमदग्नि आश्रम और बदलापुर में भारी भीड़ ने पुष्पवर्षा की।
- अमेठी व गौरीगंज: यहाँ गो-सांसद राकेश तिवारी और अन्य गणमान्य लोगों ने पादुका पूजन किया। महिलाओं ने आरती उतारकर जगद्गुरु का अभिनंदन किया।
- रायबरेली आगमन: शाम 7:30 बजे रायबरेली पहुँचने पर यश पाण्डेय के निवास पर रात्रि विश्राम हुआ। पूरे शहर में ‘गौ माता-राष्ट्रमाता’ के जयकारों की गूँज रही।
अगला पड़ाव: उन्नाव और फिर लखनऊ
8 मार्च (आज) सुबह 8:30 बजे यह यात्रा लालगंज और मदनखेड़ा होते हुए उन्नाव के लिए प्रस्थान करेगी। 11 मार्च को लखनऊ में होने वाली विशाल धर्मसभा में देशभर के साधु-संत जुटेंगे, जहाँ इस आंदोलन की भविष्य की रणनीति और निर्णायक दिशा तय की जाएगी।
मुख्य बिंदु:
- लक्ष्य: गाय को राष्ट्रमाता घोषित करना और बीफ निर्यात पर पूर्ण प्रतिबंध।
- संकल्प: काशी के शंकराचार्य घाट पर वीर शिवाजी महाराज की जयंती पर लिया गया संकल्प।
- चेतावनी: 11 मार्च को लखनऊ में होगा ‘धर्मयुद्ध’ का शंखनाद।
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