रायबरेली/उन्नाव। ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने हिंदुओं की पहचान और गौ-रक्षा को लेकर हुंकार भरी है। रायबरेली से उन्नाव प्रवास के दौरान आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिस व्यक्ति का कोई ‘गोत्र’ नहीं, वह हिंदू नहीं हो सकता। उन्होंने ‘गोत्र’ शब्द की व्याख्या करते हुए बताया कि ‘गो’ का अर्थ गाय और ‘त्र’ का अर्थ रक्षा करना है; अर्थात हिंदू वही है जो गौमाता की रक्षा के लिए संकल्पित है।
आजादी के 78 साल बाद भी गौमाता पर अत्याचार दुखद
शंकराचार्य ने वर्तमान और पूर्ववर्ती सरकारों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि आजादी के समय नेताओं ने वादा किया था कि अंग्रेजों के जाते ही गौ-हत्या बंद होगी, लेकिन आज 78 साल बाद भी गौमाता को काटकर बेचा जा रहा है। उन्होंने कहा, “जो गाय को माता मानता है वह असली हिंदू है, और जो उसे महज एक ‘पशु’ की सूची में रखता है, वह नकली हिंदू है।” उन्होंने सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि आज गौभक्तों के ‘वोट’ और गौ-हत्या से मिलने वाले ‘नोट’ को एक ही झोली में रखा जा रहा है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

11 तारीख को लखनऊ से ‘धर्मयुद्ध’ का शंखनाद
गौमाता को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा दिलाने के लिए शंकराचार्य महाराज ने निर्णायक लड़ाई का ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि आगामी 11 तारीख को दोपहर 2:15 बजे लखनऊ से ‘गौप्रतिष्ठार्थ धर्मयुद्ध’ का शंखनाद किया जाएगा। रायबरेली के लालगंज में आयोजित धर्मसभा में जब उन्होंने जनता से पूछा कि क्या यह धर्मयुद्ध होना चाहिए, तो हजारों श्रद्धालुओं ने हाथ उठाकर अपनी सहमति दी और पूरा पंडाल ‘गौमाता राष्ट्रमाता’ के नारों से गूंज उठा।
हिस्ट्रीशीटर पर हमले की जांच और सुरक्षा की मांग
मीडिया से बातचीत के दौरान शंकराचार्य ने ट्रेन यात्रा के दौरान हिस्ट्रीशीटर आशुतोष पर हुए हमले पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने सोशल मीडिया और अटेंडेंट के बयानों का हवाला देते हुए घटना को संदिग्ध बताया और प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच करने व पीड़ित को सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की।
भक्तों ने किया पादुका पूजन, नेमिषारण्य के लिए प्रस्थान
शंकराचार्य का काफिला रायबरेली के लालगंज पहुंचा, जहां उन्होंने मां दुर्गा और दुखभंजन हनुमान मंदिर में दर्शन किए। इसके बाद वे उन्नाव पहुंचे, जहां एडवोकेट सतीश शुक्ला व अन्य गणमान्य नागरिकों ने उनका पादुका पूजन किया। इस दौरान सुमित यादव, राघवेंद्र सिंह, नीरज मिश्रा सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे। रात्रि विश्राम के बाद महाराजश्री सोमवार सुबह नैमिषारण्य के लिए प्रस्थान करेंगे।




