वाराणसी। चैत्र नवरात्रि और विक्रम संवत 2083 के पावन अवसर पर आज काशी में एक नए आध्यात्मिक अध्याय की शुरुआत हुई। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास द्वारा संचालित गंगा आरती का भव्य शुभारंभ आज मंत्रोचार और शंखनाद के बीच संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने के लिए गंगा के घाटों पर जनसैलाब उमड़ पड़ा।

विशिष्ट जनों की गरिमामयी उपस्थिति
इस पुनीत अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री रविंद्र जायसवाल, नीलकंठ तिवारी, धर्मेंद्र सिंह और अवधेश सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। प्रशासनिक अमले से मंडलायुक्त एस. राज लिंगम और जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार सहित कई अन्य गणमान्य जनों ने भी आरती में सहभागिता कर माँ गंगा का आशीर्वाद लिया।
भक्ति और आस्था का संगम
आरती के प्रारंभ होते ही सम्पूर्ण वातावरण “जय माँ गंगा” के जयघोष और करताल ध्वनि से गुंजायमान हो उठा। प्रथम दिवस पर ही हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने दीपों की लौ और धूप की सुगंध के बीच आध्यात्मिक शांति का अनुभव किया। उपस्थित जनसमूह की आस्था देख ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो साक्षात स्वर्ग गंगा के तट पर उतर आया हो।

सनातन परंपराओं का संरक्षण
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के अनुसार, इस भव्य आयोजन का मुख्य उद्देश्य:
- जनमानस की आस्था को और अधिक सुदृढ़ करना।
- सनातन सांस्कृतिक परंपराओं का अक्षुण्ण संरक्षण।
- धार्मिक पर्यटन और नवीन पुनीत कार्यों में नवाचार लाना।
न्यास का यह प्रयास न केवल काशी के गौरव को बढ़ाएगा, बल्कि विश्वभर से आने वाले शिव भक्तों और गंगा उपासकों के लिए एक नया केंद्र बनेगा।
