वाराणसी : BHU कुलपति नियुक्ति की मांग को लेकर ABVP ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र

संवाददाता : अनुज तिवारी

वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा विश्वविद्यालय में कुलपति के नियुक्ति को लेकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखा है। वही इस पत्र की एक प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक को भी प्रेषित की गई है।

इस दौरान एबीवीपी ने पत्र लिखते हुए कहा कि काशी हिन्दू विश्वविद्यालय देश के शीर्ष एवं प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में से एक है। काशी हिन्दू  विश्वविद्यालय एशिया का सबसे बड़ा आवासीय विश्वविद्यालय भी है। 1360 एकड़ में स्थित मुख्य परिसर एवं 2750 एकड़ के बड़े क्षेत्रफल में फैला दक्षिणी परिसर यह विश्वविद्यालय देश के विद्यार्थियों खास कर ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों हेतु गुणवत्तायुक्त उच्च शिक्षा ग्रहण करने का भी एक महत्वपूर्ण केंद्र है।

12 संकायों, 6 संस्थानो एवं 140 विभागों से सुसज्जित यह विश्वविद्यालय लगभग 32000 छात्र-छात्राओ के शिक्षा का केंद्र है। इस विश्वविद्यालय में न सिर्फ विभिन्न विषयों से सम्बंधित संकाय हैं अपितु भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान एवं चिकित्सा विज्ञान संस्थान जैसे महत्वपूर्ण संस्थान भी हैं जो वर्तमान समय में देश को उन्नति प्रदान कर रहे हैं।
 
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय अधिनियम 1915 के अंतर्गत आप विश्वविद्यालय के कुलपति के नियुक्ति प्रधिकारी भारत के राष्ट्रपति हैं। आपको अवगत कराना है कि काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में पूर्व कुलपति के कार्यकाल के पश्चात विगत 28 मार्च 2021 से अभी तक किसी कारणवश स्थायी कुलपति की नियुक्ति नहीं हो पाई है। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय जैसे देश के शीर्षस्थ विश्वविद्यालय में लंबे समय तक स्थायी कुलपति का न होना विश्वविद्यालय के शैक्षणिक विकास एवं सुचारू संचालन में बाधा बन सकता है।

वर्तमान समय में कोरोना वायरस महामारी के दौरान काशी हिन्दू विश्वविद्यालय क्षेत्र की चिकित्सकीय सुविधाओं की पूर्ति करने के साथ-साथ अपना समाजिक दायित्व निभाते हुए विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के सतत विकास के लिए कार्य कर रहा है। इस स्थिति में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में एक स्थायी कुलपति की नियुक्ति अत्यंत ही आवश्यक है।स्थायी कुलपति न होने के कारण विश्वविद्यालय में भविष्य में अव्यवस्थाएं उतपन्न हो सकती हैं।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद,काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के विभाग संयोजक अधोक्षज पांडेय ने कहा कि,” काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में स्थायी कुलपति का कार्यकाल दिनांक 28 मार्च 2021  को खत्म हो गया जिसके कारण कुलपति नियुक्ति न होने पर विश्वविद्यालय के रेक्टर को कार्यवाहक कुलपति का दायित्व सौंपा गया है। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय जैसे देश के शीर्ष एवं प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में एक स्थायी कुलपति की अत्यंत आवश्यकता हैं क्योंकि यहाँ शैक्षणिक गतिविधियों के अलावा कुलपति को बहुत से प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन भी करना पड़ता है। ऐसे समय मे विश्वविद्यालय के सुचारू संचालन के लिए एक स्थायी कुलपति की अत्यंत आवश्यकता है।
 
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सह विभाग संयोजक अभय प्रताप सिंह ने कहा कि काशी हिन्दू विश्वविद्यालय देश के विद्यार्थियों के लिए किफायती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का बड़ा केंद्र है,यह देश का सबसे बड़ा विश्वविद्यालय है जहाँ आईआईटी और मेडिकल कॉलेज जैसे संस्थान हैं। वर्तमान समय में विश्वविद्यालय अपना सामाजिक दायित्व निभाते हुए कोरोना मरीज़ों के इलाज का एक बड़ा केंद्र भी बना है इसी के साथ विद्याथियों के सतत विकास हेतु विश्वविद्यालय कार्य कर है है।

विश्वविद्यालय में बहुत से विकास कार्य होने हैं जो एक स्थायी कुलपति के बिना नहीं हो सकते। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हमेशा से ही विश्वविद्यालय के विकास एवं विद्यार्थियों के हित के लिए कार्य करता है इसी क्रम में आज भारत के राष्ट्रपति एवं केंद्रीय विश्वविद्यालयो के विज़िटर माननीय श्री रामनाथ कोविंद जी को पत्र लिख कर मांग की है कि विश्वविद्यालय के सुचारू संचालन हेतु जल्द स्थायी कुलपति की नियुक्ति की प्रक्रिया को संचालित
किया जाए जिससे विश्वविद्यालय  का विकास बाधित न हो।
 
वही इस पत्र की एक प्रति भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक को भी प्रेक्षित की गई है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *