वाराणसी। धर्म और आध्यात्म की नगरी काशी में आगामी चैत्र नवरात्र की गरिमा और श्रद्धालुओं की आस्था को देखते हुए नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया है। महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में सोमवार को सिगरा स्थित स्मार्ट सिटी सभागार में हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में निर्णय लिया गया कि नवरात्र के दौरान नगर निगम सीमा के भीतर आने वाली सभी मीट, मुर्गा और मछली की दुकानें पूरी तरह बंद रहेंगी। बैठक में महापौर ने स्पष्ट किया कि शहर में धार्मिक वातावरण को बनाए रखना प्राथमिकता है और इसका उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मंदिरों के रास्तों की होगी ‘मरम्मत’ और ‘सफाई’
महापौर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि चैत्र नवरात्र से पहले सभी प्रमुख देवी मंदिरों की ओर जाने वाले मार्गों का तत्काल निरीक्षण किया जाए।
- पैच वर्क: सड़कों के गड्ढों को तत्काल भरा जाए ताकि दर्शनार्थियों को असुविधा न हो।
- स्वच्छता: नियमित सफाई के साथ-साथ सड़कों के किनारे चूने और सैनिटाइजेशन का छिड़काव सुनिश्चित किया जाए।
जलकल और आलोक विभाग को चेतावनी
बैठक के दौरान महापौर ने जलकल विभाग को सख्त हिदायत दी कि पर्व के दौरान शहर में कहीं भी सीवर ओवरफ्लो की समस्या नहीं होनी चाहिए। साथ ही, पेयजल की निर्बाध आपूर्ति के लिए भी कड़े निर्देश दिए गए।
वहीं, आलोक विभाग को जिम्मेदारी सौंपी गई है कि मंदिरों को जोड़ने वाले सभी मार्गों पर मार्ग प्रकाश (Street Lights) की व्यवस्था चाक-चौबंद रहे, ताकि रात के समय श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो।
अधिकारियों को समन्वय के निर्देश
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने सभी विभागीय अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने पर जोर दिया। इस बैठक में अपर नगर आयुक्त सविता यादव, अमित कुमार सिंह, विनोद कुमार गुप्ता, जलकल महाप्रबंधक अनूप सिंह एवं पियूष नेहरा सहित नगर निगम के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
