वाराणसी। बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में 55वें राष्ट्रीय संरक्षा सप्ताह के अवसर पर मंगलवार को प्राविधिक प्रशिक्षण केंद्र में एक भव्य संरक्षा संगोष्ठी एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से कर्मचारियों को कार्यस्थल पर ‘जीरो एक्सीडेंट’ (शून्य दुर्घटना) के लक्ष्य के प्रति जागरूक किया गया।
महाप्रबंधक ने किया शुभारंभ
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बरेका के महाप्रबंधक श्री आशुतोष पंत रहे। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर संगोष्ठी का विधिवत शुभारंभ किया। अपने संबोधन में महाप्रबंधक ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा किसी औपचारिकता का नाम नहीं है। उन्होंने कहा, “जब प्रत्येक कर्मचारी स्वयं और अपने सहकर्मी की सुरक्षा के प्रति सजग होगा, तभी हम दुर्घटना-मुक्त कार्यस्थल का लक्ष्य पा सकेंगे।” उन्होंने सतर्कता, अनुशासन और स्वच्छता को सुरक्षित कार्य-संस्कृति का आधार बताया।
नुक्कड़ नाटक से दी गई सीख
संगोष्ठी के दौरान कर्मचारियों को जागरूक करने के लिए एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया। कलाकारों ने दिखाया कि कैसे कार्यस्थल पर छोटी सी लापरवाही बड़े हादसे का सबब बन सकती है और सुरक्षा उपकरणों का सही उपयोग कितना अनिवार्य है।
प्रमुख बिंदु एवं संबोधन
- परिचय संवाद: मुख्य संरक्षा अधिकारी राम जन्म चौबे ने औद्योगिक संस्थानों में संरक्षा संस्कृति के महत्व पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।
- सुरक्षा संदेश: प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर एस.के. श्रीवास्तव एवं प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर विवेकशील ने कहा कि किसी भी उत्पादन इकाई की सफलता का आधार वहां का सुरक्षित वातावरण होता है।
- शपथ ग्रहण: कार्यक्रम के अंत में महाप्रबंधक ने सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को ‘संरक्षा शपथ’ दिलाई, जिसमें सभी ने सुरक्षित कार्य वातावरण बनाए रखने का संकल्प लिया।
संचालन
कार्यक्रम का कुशल संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन संरक्षा अधिकारी अनुप सिंह वत्स द्वारा किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
