वाराणसी : संकट मोचन मंदिर की टीम बनी गरीबों का मसीहा, ‘गरीबों ने कहा विश्वास था भगवान भोजन देंगे, जो मिलने लगा’

वाराणसी : करोना वायरस के कहर से हर कोई डरा सहमा है। वाराणसी सहित पूरा देश लॉकडाउन है। किसी को भी घरों से निकलने की इजाजत नहीं है। हालांकि यही एक मात्र रास्ता भी है इस महामारी से बचने का ऐसे में उन मजलूमों, गरीबों, दिहाड़ी मजदूरों, रेहड़ी-पटरी वालों का क्या होगा, उन्हें तो पूछने वाला कोई नहीं कौन कहां है ? इसका पता लगाना भी मुश्किल है, ऐसे में इस वर्ग की मदद को संकट मोचन मंदिर आगे आया है। मंदिर की तरफ से ऐसे ही दुखियारों तक भोजन सामग्री पहुंचाई जा रही है। यह सारा कार्य संकट मोचन मंदिर के महंत प्रो० विश्वंभरनाथ मिश्र की अगुवाई में किया जा रहा है।


महंत प्रो० विश्वंभरनाथ मिश्र और उनके अनुज न्यूरोलॉजिस्ट प्रो० विजय नाथ मिश्र की सोच ने गुरुवार को आकार लिया। जो अब तक दो दिनों में सैकड़ों परिवारों को मंदिर से जुड़े लोगों तक अन्न जल के मार्फत मदद पहुंचाई है। महंत प्रो० मिश्र ने बताया कि अन्न-जल रूपी राहत सामग्री पहुंचाने के क्रम में मंदिर की टीम ने बीएचयू के पीछे करौंदी के निकट सुंदर बगिया के 50 परिवारों को शुक्रवार की सुबह और शाम में भोजन पहुंचाया गया। बता दें कि इस इलाके में वो मजदूर, राजगी मिस्त्री रह रहे हैं जो बीएचयू के कैंसर अस्पताल के निर्माण से जुड़े हैं। काम बंद हो गया है लॉक़़ाउन के चलते तो अब भुखमरी की स्थिति आ गई है।

ऐसे ही महंत जी ने बताया कि सुंदर बगिया से आगे सुसवाहीं मलिन बस्ती में भी हमारी टीम पहुंची और उन सफाई कर्मचारियों के परिवारों तक संकटमोचन महाराज का प्रसाद पहुंचाया गया। प्रो मिश्र ने बताया कि यह सिलसिला तब तक जारी रहेगा जब तक कि यह महामारी मिट नहीं जाती। कहा कि संकटमोचन जी का प्रसाद हर उस जरूरतमंद को मिलता रहेगा जो इसका हकदार है।

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