November 26, 2020

Uttar Pradesh Samachar

Hindi News, Today Hindi News, Uttar Pradesh News

वाराणसी : BHU के डिग्री पर उठा सवाल, SVDV संकाय के छात्रों ने किया विरोध प्रदर्शन

वाराणसी : काशी हिंदू विश्वविद्यालय(बीएचयू) के संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय में एक बार फिर छात्र आंदोलन पर उतर आए। धरना प्रदर्शन छात्रों की मांग है कि उनकी डिग्री शास्त्री और आचार्य में एजुकेशन और पोस्ट ग्रेजुएशन अंकित करें। इस दौरान हाथों में पोस्टर लेकर छात्रों ने अपना विरोध दर्ज किया। छात्रों का कहना है कि जल्द से जल्द विश्वविद्यालय प्रशासन इस पर कार्यवाही करें नहीं तो हमारा भविष्य अंधकार में होगा।

छात्रों की कहना है कि विगत कई वर्षों से पारंपरिक सांस्कृतिक की शास्त्री एवं आचार उपाधि कई राज्यों में यह कहकर अस्वीकृत कर दी गई है, कि स्नातक एवं परास्नातक के तुल्य नहीं है यूजीसी के द्वारा प्रमाणित होने पर भी इस तरह की घटनाएं रुक नहीं रही हैं। छात्रों ने बताया कि बीते 23/2/2020 को मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले काशी हिंदू विश्वविद्यालय के पारंपरिक छात्रों को इसी विषय पर धर्म शिक्षक परीक्षा में सम्मिलित होने से वंचित कर दिया गया है। जिसका मुख्य कारण काशी हिंदू विश्वविद्यालय से प्राप्त शास्त्री एवं आचार्य की उपाधियों पर कहीं पर भी स्नातक एवं परास्नातक का टंकित ना होना बताया गया है। जिसकों लेकर इन परीक्षाओं में हमारी संस्था के शास्त्री आचार्य के छात्र भारी संख्या में सम्मिलित एवं उत्तीर्ण होते रहते हैं।

मध्य-प्रदेश की यह घटना काशी हिंदू विश्वविद्यालय के पारंपरिक छात्रों को जानबूझकर परीक्षा में सम्मिलित ना होने देने की एक सोची समझी साजिश प्रतीत होती है। जिसकों लेकर छात्रों की मांग है कि इस गंभीर विषय में अपने विश्वविद्यालय के छात्रों के साथ हो रहे अत्याचार का संज्ञान लें और इस पर तुरंत कार्यवाही करके परीक्षा से वंचित छात्रों की परीक्षा करवाने की मांग है। इस सम्बंध में संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के शोध छात्र धर्मेंद्र चौबे ने बताया कि प्रत्येक वर्ष जो धर्म शिक्षक की भर्ती होती है आर्मी में तो एआरओ ग्वालियर में हमारे साथ जो दुराभाति हुई है। यह सोची समझी साजिश कह सकते है। इसको हम लोगो को चालीस लोगों को करीब जो बीएचयू से सम्पूर्णा नंद इत्यादि जो अन्य विश्वविद्यालयों से पढ़े हुए शास्त्र और स्नातक किये हुए है और जो विश्वविद्यालय अनुदान आयोग(UGC) और एमएचआरडी जो भारत सरकार मानती है। यह स्नातक डिग्री है शास्त्री और आचार्य परास्नातक है तो इन्होंने हम लोगो को उसको स्नातक ना मानकर के परीक्षा से वंचित कर दिया है। परीक्षा से हटा दिया हम लोगो को बैठने नही दिया गया।

इन्होंने कहा कि आपकी डिग्री स्नातक नही है तो हम लोग इसलिए यहां आए है। एमपी को छोड़कर अतिरिक्त यूपी, बिहार, झारखंड, राजस्थान, दिल्ली इत्यादि जगहों पर हमारे दोस्त-मित्रों उन सबका परीक्षा हुई है। लेकिन हम जो चालीस लोग यहां से गए थे। हम लोग को वहां से रिजेक्ट कर दिया गया। इसका हवाला देते हुए की हमे ऊपर से दिल्ली हेडक्वार्टर से आर्मी हेडक्वार्टर से हमे ऑर्डर आया है, तो हम लोग इसलिए यहां आए है कि हम अपने संकाय में विश्वविद्यालय में कहना चाहते है कि हमारे शास्त्री के साथ स्नातक और आचार्य के साथ परास्नातक उसमे लिखा जाए। हम लोग यहां दिन को भी ज्ञापन दे रहे है और हम लोग रजिस्टार को भी देंगे क्योंकि हमें न्याय चाहिए।