November 24, 2020

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वाराणसी : कोरोना वायरस के जांच के लिए तैयार हुआ लैब, जल्द हो सकती है जांच की शुरुआत

वाराणसी : कोरोना वायरस के बढ़ते मामले को लेकर एक तरफ जहां पूरा देश परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी कड़ी में जनपद वाराणसी में भी कोरोना के मामले लगातार मिल रहे थे। वही काशी हिंदू विश्वविद्यालय(बीएचयू) लैब कर्मी के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद सोमवार को भी लैब सैनिटाइज किया गया। दोपहर बाद मशीनों को सेटअप करने के साथ ही लैब कर्मियों संग जांच प्रक्रिया की तैयारियों का खाका खींचा गया। लैब इंचार्ज प्रो. गोपालनाथ व उनकी टीम के होम क्वारंटाइन होने के बाद माइक्रोबॉयोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो० शंपा अनुपूर्वा के निर्देशन में कोरोना जांच की जाएगी।

कोरोना वायरस के बढ़ते मामले को देखते हुए बीएचयू प्रशासन ने डायग्नोस के लिए विश्वविद्यालय परिसर में एक और लैब तैयार करने का निर्देश दिया है। इस क्रम में मॉलिक्यूलर बायोलॉजी यूनिट की रिसर्च लैब को तैयार किया जा रहा है। वहीं प्रदेश सरकार से एक रियल टाइम -पीसीआर मशीन की मांग की गई है। मशीन मिलने के बाद इसी सप्ताह तक लैब शुरू भी हो जाएगी। मॉलिक्यूलर बायोलॉजी युनिट स्थित रिसर्च लैब पहले से उपलब्ध एक रियल टाइम-पीसीआर मशीन के साथ कोरोना जांच के लिए तैयार की जा रही है। प्रदेश सरकार की ओर से दूसरी आरटी -पीसीआर मशीन मिलते ही इसकी क्षमता बढ़ जाएगी। वहीं बीएचयू में दूसरी लैब तैयार होने से आपात स्थिति में जांच प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका नहीं रहेगी।

वही एक तरफ आइएमएस बीएचयू स्थित माइक्रोबायोलॉजी विभाग के लैब को शनिवार को सैनिटाइज किया गया था। रविवार को भी लैब सैनिटाइज की गई। दोपहर बाद बरकछा के चार असिस्टेंट प्रोफेसर सहित आधा दर्जन लैब कर्मियों संग प्रो. शंपा अन्नपूर्णा व प्रो. सुनीत कुमार सिंह ने लैब का सेटअप देखा और कोरोना जांच की राजनीति का खाका खींचा। इससे पहले माइक्रोबॉयोलाजी की लैब में जांच रियल टाइम पीसीआर मशीनों से जांच की जा रही थी। लैब में एचआइवी जांच में प्रयुक्त एबॉट मशीन व एमडीआर (मल्टी ड्रग रेजिस्टेंट) टीबी की जांच में इस्तेमाल होने वाली सीबी-नॉट मशीन भी उपलब्ध है। इनसे भी कोरोना जांच की जा सकती है।

आइसीएमआर से जांच शुरू करने के लिए अनुमति मांगी गई है। उपलब्ध एक जीन एक्सपर्ट मशीन के अलावा एक और जीन एक्सपर्ट मशीन मंगाई गई है। किट उपलब्ध होते ही एबॉट, सीबी-नॉट व जीन एक्सपर्ट मशीन से जांच होगी। आइएमएस के निदेशक प्रो० आरके जैन ने बताया कि माइक्रोबायोलॉजी लैब में सैनिटाइजेशन व स्टरलाइजेशन का काम सोमवार को पूरा कर लिया गया। आइसीएमआर से अनुमति मिलने के बाद मंगलवार या फिर बुधवार से लैब में दोबारा जांच शुरू की जा सकेगी।