वाराणसी : काशी हर दिन उत्सव तो मनाती है मगर अब वक्त आ गया है कि सेहत का भी ख्याल रखा जाए : प्रो विजयनाथ मिश्रा

वाराणसी : महामाया दुर्गोत्सव समिति की तरफ से पंचगंगा घाट पर रविवार को मध्य गंगा में पंचगंगा घाट से बूंदी परकोटा के बीच विशिष्ठ वाराणसी सम्मान सह सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विशिष्ठ वाराणसी सम्मान सर्वप्रथम समाज मे कार्यरत संस्था निःशुल्क शिक्षा प्रदान करने के लिए अक्षर पाठशाला को, विलुप्त हो रही मधुबनी पेंटिंग को जगह-जगह फैला रही स्नेहलता को, पहलवानी के क्षेत्र में नेशनल खेल चुकी कशिश को, घाटों पर लगातार चक्रमण करने वाले चौक इंस्पेक्टर डॉ. आशुतोष तिवारी और घाटों-काशी के इतिहास को डॉक्यूमेंट्री में समेटने वाले डॉ. अवधेश दीक्षित को सम्मानित किया गया। यह सम्मान मुख्य अतिथि पद्मश्री प्रो. राजेश्वर आचार्य और विशिष्ठ अतिथि गीता मर्मज्ञ स्वामी कृष्णकांत जी, प्रो. सीवी त्रिपाठी और प्रो. विजयनाथ मिश्र के हाथ प्रदान की गई।

इस दौरान ताना-बाना ग्रुप के देवेंद्र दास, भगीरथ, कृष्णा और गोविंद दास ने कवीर के दोहा-साखी ‘साधो-ए-मुर्दो का गाँव’, ‘ नइहरवा हमके ना भावे’, ‘पानी मे मीन प्यासी’ से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके साथ ही डॉ. शिवानी आचार्य ने कबीर दास जी के ‘बीत गए दिन’ और राम भजन ‘राम-राम रट ले’ गाकर सबको भक्तिमय बना दिया।

इस दौरान बतौर मुख्य अतिथि पद्मश्री प्रो. राजेश्वर आचार्य ने कहा कि सामाजिक कार्य करने वाले युवाओं के उत्साह को बनाये रखने के लिए जरूरी है हम सब आगे आये। आज हर व्यक्ति एक दूसरे को सुधारने में लगा है, यदि दूसरों को सुधारने के बजाय हर व्यक्ति खुद सुधरे तो समाजसुधारकों को ज्यादा मेहनत नहीं करना पड़ेगा।

इसी क्रम में विशिष्ट अतिथि गीता मर्मज्ञ कृष्णकांत जी ने कहा कि गीता महज एक पुस्तक नही वह अपने आप मे सुधारक है। परशुराम और राम का उदाहरण लेते हुए स्वामी जी ने कहा कि परशुराम एक पक्ष के थे मगर भगवान राम सबके थे। इसलिए समाज मे एकपक्षीय नहीं होना चाहिए।

इस दौरान प्रो. विजयनाथ मिश्र ने कहा कि काशी हर दिन उत्सव तो मनाती है मगर अब वक्त आ गया है कि इसे सेहत का भी ख्याल रखा जाए। छुट्टियों के दिन बच्चों के साथ मॉल-रेस्टोरेंट में न जाकर घाटों पर आए, माँ गंगा के आंचल में समय बिताने से संस्कार और विरासत दोनो संरक्षित होंगे।

वही इस कार्यक्रम का संचालन गोविंद सिंह और अतिथियों का स्वागत संस्था के मंत्री संदीप सैनी ने किया। इस दौरान यशी मिश्रा, जितेंद्र कुशवाहा, विनय, सतीश शर्मा, सत्यप्रकाश पाठक, अभय तिवारी, मृदुल सिंह, शिखर सेठ,सत्यम वर्मा, रिया सैनी, श्रेया सोनी, अमन चन्देल, सिमरन सिंह, रमा सिंह, धीरज गुप्ता, सुधीर सेठ, रजत अग्रवाल सहित दो दर्जन लोग उपस्थित रहे।

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