November 26, 2020

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वाराणसी : ISI एजेंट गिरफ्तार, खुफिया सूचनाएं भेज रहा था पाकिस्तान, सुरक्षा एजेंसियां पूछताछ में जुटी

वाराणसी : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से पहले से ही आतंकियों के निशानों पर था, तो वही इसी कड़ी में यूपी एटीएस और मिलिट्री अभिसूचना इकाई से साझा प्रयास से वाराणसी से ISI एजेंट को गिरफ्तार करने में सफलता मिली। बता दे कि बीते वर्ष सोशल मीडीया के द्वारा वाराणसी में आतंकी हमलों लो अंजाम देने के लिए पाकिस्तान से धमकियां भी मिली थी।

आर्मी इंटेलिजेंस और यूपी एटीएस ने रविवार को वाराणसी से 23 वर्षीय आईएसआई एजेंट राशिद अहमद को गिरफ्तार किया। राशिद मार्च 2019 से व्हाट्सएप के जरिये पाकिस्तानी एजेंटों आसिम और अमद के संपर्क में था। उसने सेना, सीआरपीएफ कैंप की फोटो, वाराणसी, मुंबई, अमेठी, रायबरेली, अयोध्या के संवेदनशील स्थलों की तस्वीरें और लखनऊ में सीएए व एनआरसी के विरोध में प्रदर्शन की वीडियो व फोटो साझा किये थे।

लंका क्षेत्र के छित्तूपुर का राशिद चंदौली के मुगलसराय थाना क्षेत्र के पड़ाव चौरहट नई बस्ती में नाना के घर रहता था। कराची की मलिन बस्ती औरंगी टाउन स्थित अपनी मौसी हसीना के यहां वैवाहिक कार्यक्रम में शरीक होने के लिए वह अगस्त 2017 और दिसंबर 2018 से जनवरी 2019 के बीच दो बार वहां गया। दूसरी बार 2018 में कराची के मौसेरे भाई शाजेब के जरिये आईएसआई एजेंटों के संपर्क में आया। एजेंटों ने उससे भारतीय मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप एक्टिवेट कराये। व्हाट्स के जरिये संवेदनशील स्थलों की तस्वीरें व जानकारियां साझा करने पर उपहार तथा रुपये दिये जाने का लालच दिया। भारतीय नंबर पर एक्टिवेट व्हाट्एस नंबरों के जरिये पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों ने भारत की गोपनीयं जानकारियां हासिल की।

जुलाई 2019 में आर्मी इंटेलिजेंस को जानकारी मिली कि वाराणसी से व्हाट्सएप के जरिये गोपनीय जानकारियां व तस्वीरें पाकिस्तान भेजी जा रही हैं। इसके बाद से निगरानी कर रही आर्मी इंटेलिजेंस और यूपी एटीएस ने राशिद को चिह्नित किया। 16 जनवरी को पड़ाव के पास से उसे उठाया गया। पूछताछ में सभी तरह के आरोप पुष्ट होने पर उसे 19 जनवरी को गिरफ्तार कर लिया गया। जानकारियां साझा करने के एवज में पाकिस्तानी एजेंटों ने राशिद को मई 2019 में पाकिस्तान के राष्ट्रीय रंग (हरा-सफेद) का टी-शर्ट दिया था। जुलाई 2019 में पांच हजार रुपये दिये थे।

आठवीं पास राशिद साइन बोर्ड लगाने का काम करता था। अजमेर और मुंबई भी उसका आना-जाना था। चूंकि छित्तूपुर में इसके पिता इदरीश अहमद ने दूसरी शादी कर ली थी। पति से तलाक के बाद राशिद को लेकर उसकी मां शहजादी पड़ाव स्थित अपने मायके आ गईं। शहजादी की दूसरी शादी अजमेर में कर दी गई। वहीं उसके पिता इदरीश अपने दूसरे परिवार के साथ इस समय मुंबई में रहते हैं।