May 9, 2021

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वाराणसी : अंतरराष्ट्रीय काशी घाटवाक विश्वविद्यालय का 10+10+20 दिनांक पर संगीत का विशेष आयोजन

वाराणसी : काशी अपूर्वानुमेय है।अनुपमेय है।त्रिकाल है।इसी कड़ी में अंतरराष्ट्रीय काशी घाटवाक विश्वविद्यालय के तत्वावधान में आज की तिथि 10 प्लस 10 बराबर 20 की तिथि के निमित्त मणिकर्णिका के ठीक सामने अवस्थिति विशाल रेत के टीले पर एक अनौपचारिक आयोजन किया गया जो काशी में ही संभव हुआ।

इस अवसर पर कार्यक्रम के सूत्रधार प्रसिद्ध न्यूरो चिकित्सक प्रो विजय नाथ मिश्र ने इस अवसर को संकट में सर्जना के निर्माण से जोड़ते हुए कहा कि साहित्य,संगीत व विचार के इस संगम से न केवल घाटवाकर की प्रतिरोधी क्षमता विकसित होगी बल्कि जो लोग भी पर्यावरण कि नैसर्गिक आभा से जुड़ेंगे,सभी लाभान्वित होंगे।इस अवसर पर उन्होंने गंगा के पानी से कोरोना के इलाज की संभावना पर भी अपनी बात रखी और कहा कि काशी आज की दस तारीख को अपनी विरासत व सांस्कृतिक परंपरा के रूप में मना रही है।

इस ऐतिहासिक अवसर पर बोलते हुए वरिष्ठ समजशात्री प्रो अरविंद जोशी ने कहा कि कोरोना के इस समय में सामाजिक ताने बाने को विखरने से बचाने के लिए घाटवाकर का यह आयोजन महत्वपूर्ण है।एक ऐसे समय में जब पूरी दुनिया दस बीस के चक्कर में पड़ी है काशीघाट के लोग दस दस बीस के आत्मीय आयोजन कररहे हैं।उन्हीने कहा कि कोरोन कि तरह घाटवाक के लोग भी म्यूटेट करते हैं।

वरिष्ठ साहित्यकार प्रो. श्रीप्रकाश शुक्ल ने विश्व विद्यालय के मानद कुलपति प्रो विजय नाथ मिश्र द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की सराहना करते कहा की एक ऐसे समय में जहां कोरोना के कारण लोग नौ दो ग्यारह हो रहे हैं,घाटवाक के लोग दस दस बीस की विश्वसनीयता को बचाने के लिए रेत पर यह महत्वपूर्ण आयोजन कर रहे हैं।इसे उन्होने मनुष्य की प्रतिरोधी क्षमता को बढ़ाने वाला बताया और कहा कि यह तिथि हमारी सहज मानवीय उपस्थिति को सदैव याद दिलाती रहेगी।

इस अवसर पर ‘ताना बाना समूह’ के देवेंद्र दास कृष्णा यादव व गौरव मिश्र के द्वारा कबीर का मशहूर भजन’ मन लागो रे मेरो यार फकीरी में ‘ प्रस्तुत किया जिसे उपस्थित सभी घाट वाकर ने पसंद किया।उन लोगों ने इसअवसर पर साधो ये मुर्दों का गांव भी प्रस्तुत किया।

इस दौरान लोक कलाकार अष्टभुजा मिश्र ने भी एक भोजपुरी गीत प्रस्तुत किया जिसके बोल थे-जहिया ससिया के डोर टूट जइहें न। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार हरेंद्र शुक्ल, शिव विश्वकर्मा, शैलेश तिवारी,अरविंद सिंह आदि उपस्थित रहे।उदय प्रताप सिह ने आभार व्यक्त किया।