November 24, 2020

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Varanasi : बनारस को स्मार्ट सिटी में बदलने में अहम भूमिका निभाएगा IIT BHU, संस्थान में लांच किया जाएगा वर्चुअल सेंटर “स्मार्ट सिटी सेल”

वाराणसी : भारत सरकार के आवास और शहरी मामलों का मंत्रालय, स्मार्ट सिटी मिशन के तहत देश भर के प्रमुख शहरों को बेहतर बनाने की प्रक्रिया में है। इस मिशन के तहत वाराणसी को स्मार्ट सिटी में बदलने के लिए, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (बनारस हिंदू विश्वविद्यालय) और वाराणसी स्मार्ट सिटी लिमिटेड (वीएससीएल) के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

मिशन को गति देने के लिए संस्थान के निदेशक प्रोफेसर प्रमोद कुमार जैन ने स्मार्ट सिटी सेल का एक वर्चुअल केंद्र लांच किया है, जहाँ संस्थान के शिक्षाविदों और पेशेवरों का एक दल वीएससीएल के अधिकारियों के साथ समन्वय कर स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की विभिन्न आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कार्य करेगा। वीएससीएल के सीईओ श्री गौरांग राठी ने इस विचार का स्वागत किया और लक्ष्यों की समय पर सुनिश्चित करने के लिए सहमति व्यक्त की।

इस संदर्भ मे संस्थान के निदेशक प्रोफेसर प्रमोद कुमार जैन ने कहा कि इस समझौते का उद्देश्य शहर के समग्र विकास में संस्थान के संकाय और छात्रों की भागीदारी का लाभ उठाना है। दोनों संगठनों का जुड़ाव फलदायी होगा और शहर के नागरिकों के लिए रहने की स्थिति की बेहतरी की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा। इसके तहत संस्थान के विशेषज्ञों द्वारा शहर के रणनीतिक परिवर्तन के लिए वीएससीएल द्वारा बनाई संरचनात्मक डिजाइन का सत्यापन और मूल्यांकन शामिल हैं।

प्रोफेसर जैन ने कहा कि परियोजना संबंधी कार्यों के लिए संस्थान के छात्र भी जुड़ेंगे। इसके लिए वीएससीएल ने भी सहमती दे दी है। संस्थान के यूजी-पीजी छात्र आईओटी, सूचना प्रौद्योगिकी, स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर, शहरी नियोजन, स्मार्ट मोबिलिटी, पर्यावरण, अपशिष्ट प्रबंधन, ऊर्जा, जीआईएस, पीआईएस बहाली, गंगा कायाकल्प से संबंधित परियोजनाओं में वीएससीएल में अपनी ग्रीष्मकालीन इंटर्नशिप करेंगे। सेंसर तैनाती और कई अन्य क्षेत्रों। इसके अलावा, आईआईटी (बीएचयू) के विशेषज्ञों को वीएससीएल में होने वाली महत्वपूर्ण तकनीकी चर्चाओं और रणनीतिक बैठकों का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया जाएगा, ताकि वे अपने राय साझा कर सकें, और उचित समाधान प्रदान कर सकें।

उन्होंने कहा कि संस्थान की टीम भूजल और सतही जल संसाधनों के समुचित जल प्रबंधन में शामिल होगी, जिसमें वाराणसी शहर की घरेलू, औद्योगिक मांग के अनुरूप शहर का सटीक जल बजट शामिल है। इंटरनेट आॅफ थिंग्स (आईओटी) के साथ 3डी शहर मॉडलिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) क्लाउड और बिग डेटा एनालिटिक्स के साथ मिलकर शहरों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। आईआईटी(बीएचयू) ने हाल ही में डेटा एनालिटिक्स और प्रिडिक्टिव टेक्नोलॉजीज (डीएपीटी) के क्षेत्र में डीएसटी के समर्थन से प्रौद्योगिकी नवाचार हब (टेक्नाॅलाजी इनेवेशन हब -टीआईएच) में उत्कृष्टता केंद्र (सेंटर फाॅर एक्सीलेंस) स्थापित किया है। वीएससीएल ने शहर के क्षेत्रों में यातायात प्रबंधन और पैदल यात्री प्रबंधन के क्षेत्र में आईओटी और डीएपीटी को लागू करने के लिए अपनी गहरी रुचि दिखाई है।

वीएससीएल के सीईओ गौरांग राठी ने सुझाव दिया कि संस्थान के विशेषज्ञों के साथ वेबिनार की एक श्रृंखला आयोजित हो ताकि परियोजनाओं से मिली सीख, अनुभव, विशेषज्ञता समान गतिविधियों में शामिल संगठनों और अन्य स्मार्ट सिटी परियोजनाओं तक भी पहुंचे। वेबिनार श्रृंखला के आयोजन के लिए आईआईटी (बीएचयू) की तरफ से डॉ अनुराग ओहरी, डॉ अंकित गुप्ता और डॉ शिशिर गौर और वीएससीएल से डॉ डी. वासुदेवन सहित विशेषज्ञों की एक टीम बनाई गई है।

स्मार्ट सिटी मिशन और स्वच्छ भारत मिशन में अपने योगदान के माध्यम से देश निर्माण के लिए संस्थान की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, निदेशक प्रोफेसर प्रमोद कुमार जैन ने कहा कि सभी को गुणवत्तापूर्ण जीवन सुनिश्चित हो सके इसके लिए देश के प्रमुख तकनीकी संस्थान के रूप में आईआईटी(बीएचयू) अनुकूलन, नवाचार जारी रखेगा।