December 2, 2020

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वाराणसी : लॉकडाउन को देखते हुए बीएचयू की नई पहल, पठन-पाठन में नही आएंगी बाधा, घर बैठे कोर्स होगा पूरा

वाराणसी : कोरोना वायरस महामारी के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए भारत सरकार द्वारा राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन लागू किया गया है। जिसकों लेकर काशी हिन्दू विश्वविद्यालय समेत देश भर के विश्वविद्यालयों व शैक्षणिक संस्थानों में पठन और पाठन का कार्य स्थगित है। वहीं लॉकडाउन के दौरान भी पठन-पाठन का काम सुचारू रूप से चलता रहे और छात्रों को कोई परेशानी न हो, इस के लिए काशी हिन्दू विश्वविद्यालय ने कई क़दम उठाए हैं।

काशी हिन्दू विश्वविद्यालय ऑनलाइन शिक्षा पर ख़ास ज़ोर दे रहा है। इस के तहत विश्वविद्यालय के शिक्षक पठन सामग्री को काशी हिन्दू विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड कर रहे हैं, जिसे छात्र कहीं से भी देख व पढ़ सकते हैं और शिक्षकों के मार्गदर्शन में घर बैठे भी अपना कोर्स पूरा कर सकते हैं। अभी तक विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर 3 हज़ार से भी ज़्यादा पठन सामग्री अपलोड की जा चुकी है जिसमें वीडियो व ऑडियो लेक्चर्स, नोट्स, कोर्स से जुड़े रेफरेंस लिंक्स आदि शामिल है। ये पठन सामग्री विश्वविद्यालय की वेबसाइट new.bhu.ac.in पर उपलब्ध है।

इसी कड़ी में एक अन्य महत्वपूर्ण पहल के तहत काशी हिन्दू विश्वविद्यालय ने MOODLE ई-लर्निंग प्लेटफार्म को भी लागू कर दिया है जिस पर शिक्षण सामग्री साझा करना, पढ़ना और पढ़ाना और भी आसान हो गया है।  MOODLE ऑनलाइन लर्निंग मैनेजमेन्ट सिस्टम के अनूठे फीचर्स की मदद से शिक्षकों और छात्रों को एक प्रभावी व सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण मिलता है और प्रयोगकर्ताओं को कहीं से भी किसी भी समय पढ़ाई करने की सुविधा मिलती है।  MOODLE पर कंटेंट शेयरिंग, डिसकशन रूम से लेकर ऑनलाइन परीक्षा की भी सुविधा है। दुनिया भर में 9 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ताओं वाला  MOODLE पठन -पाठन के लिए सबसे अधिक प्रयोग किया जाने वाला प्लेटफार्म है। शिक्षक व छात्र http://moodle.bhu.edu.in/ प्लेटफार्म पर जाकर इसका प्रयोग कर सकते हैं।

लॉकडाउन के दौरान कक्षाएं स्थगित रहने से छात्रों में शैक्षणिक सत्र को लेकर चिंताएं होना स्वाभाविक है। इसके मद्देनज़र काशी हिन्दू विश्वविद्यालय कई तरह की योजनाओं पर विचार कर रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष कई विकल्प हैं जिनपर लॉकडाउन की अवधि के अनुरूप छात्रों के हित में निर्णय लिया जाएगा। लॉकडाउन खुलने के उपरांत सरकार द्वारा जारी निर्देशो के अनुसार विश्वविद्यालय खुलने पर विद्यार्थियों के कोर्स को जल्द से जल्द पूरा करने की कोशिश की जाएगी तथा उसके बाद सभी सेमेस्टर परीक्षाएँ संचालित की जाएँगी। अंतिम वर्ष की परीक्षाओं को पहले संचालित करने को प्राथमिकता दी जाएगी क्योंकि उन्हें अपनी डिग्री पूरी कर कई जगह आवेदन करने होते हैं। इसके बाद मध्यवर्ती सेमेस्टर की परीक्षाएँ होंगी जिसके उपरांत परिणाम घोषित किए जाएँगे। 3 मई के बाद भी लॉकडाउन के लम्बे समय तक विस्तार होने की स्थिति में शैक्षणिक कैलेंडर को अनुक्षण रखने हेतु सभी सेमेस्टर परीक्षाएँ उपरोक्त योजनाओं के अंतर्गत ही सम्पन्न की जायेंगी तथा परिणाम घोषणा के दौरान अंतिम सेमेस्टर के परीक्षा परिणामो को घोषित करने को प्राथमिकता दी जा सकती है।

मध्यवर्ती सेमेस्टर के छात्रों को अगले सेमेस्टर में अस्थायी प्रोन्नति देते हुये उनके परीक्षा परिणामों को घोषित करने पर विचार किया जा सकता है, परंतु यह लॉकडाउन  की अवधि विस्तार पर निर्भर है। विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष विश्वविद्यालय में वर्किंग घंटों में इज़ाफ़ा करने, 6 के बजाए सातों दिन कक्षाएं चलाने जैसे कई विकल्प हैं जिन पर विचार किया जा सकता है, लेकिन ये सिर्फ और सिर्फ इस बात पर निर्भर करता है कि लॉकडाउन कब तक चलता है। इस बारे में जो भी फ़ैसला लिया जाएगा वो इसी आधार पर लिया जाएगा कि लॉकडाउन कब ख़त्म होता है और तब की स्थिति क्या है। इस परिप्रेक्ष्य में आवश्यकतानुसार भारत सरकार के दिशानिर्देशों के अनुरूप छात्रों के हित में उचित निर्णय लिया जाएगा। छात्रों से अपेक्षा की जाती है कि वे ऑनलाइन शिक्षा के माध्यम से अपनी पढ़ाई जारी रखें।

लॉकडाउन के दौरान अपनी पढ़ाई, कक्षाओं व परीक्षाओं को लेकर छात्रों में तनाव, मानसिक स्वास्थ्य व मनोसामाजिक चिंताओं के समाधान के लिए विश्वविद्यालय ने वरिष्ठ फैकल्टी सदस्यों की एक समिति का भी गठन किया है। यह समिति छात्रों को मौजूदा परिस्थितियों में पढ़ाई, स्वास्थ्य या इससे संबंधित अन्य मुद्दों को लेकर किसी भी प्रकार की चिंता या तनाव से बचने के लिए प्रेरित करेगी साथ ही साथ उन्हे अपने बचाव व सुरक्षा के लिए सभी कदम उठाने के लिए भी प्रोत्साहित करेगी। समिति नियमित रूप से फोन, ई-मेल, डिजिटल व सोशल मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से छात्रों से संवाद बनाए रखेगी। समिति आवश्यकता पड़ने पर तत्काल ज़रूरी सहायता उपलब्ध कराने के लिए हॉस्टल वार्डन या वरिष्ठ संकाय सदस्यों की अध्यक्षता वाले कोविड-19 स्टूडेन्ट हेल्प ग्रुप बनाने में मदद करेगी।

हर वर्ष अप्रैल-मई में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में स्नातक व परास्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश की प्रक्रिया चल रही होती है। इस वर्ष कोविड-19 महामारी के मद्देनज़र ये प्रवेश प्रक्रिया भी प्रभावित हुई है। लॉकडाउन की वजह से विश्वविद्यालय ने 26 अप्रैल और 10 मई 2020 को पहले से निर्धारित प्रवेश परीक्षाओं को फिलहाल स्थगित कर दिया है। नई तारीखों की घोषणा लॉकडाउन खुलने के बारे में स्थिति स्पष्ट होने के बाद परीक्षा नियंता कार्यालय द्वारा की जाएगी। फिलहाल अन्य प्रवेश परीक्षाओं की तिथियों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है लेकिन इन परीक्षाओं का आयोजन भी लॉकडाउन की अवधि पर ही निर्भर करता है। इस बारे में आवश्यकता पड़ने पर समय व स्थिति के अनुरूप छात्रों के हित में निर्णय लिया जाएगा।