November 26, 2020

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वाराणसी : BHU अस्पताल के NICU में बेहतर क्षमता वाला वेंटिलेटर इंस्टॉल, जल्द ही आएंगे ऐसे ही तीन और वेंटिलेटर

वाराणसी : काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) स्थित सर सुन्दरलाल चिकित्सालय आमजन व मरीज़ों की सेवा में तत्परता से जुटा है और चिकित्सा सेवाओं में सुधार एवं बेहतर व आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता के लिए निरन्तर कदम उठाए जाते हैं। इसी क्रम में सर सुन्दरलाल अस्पताल की नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई में एक नया और बेहतर क्षमता वाला वेंटिलेटर इंस्टॉल किया गया है, जो नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य की ज़रूरतों के मद्देनज़र काफी उपयोगी साबित होगा।

बीएचयू के सर सुन्दरलाल अस्पताल में अब तक जो वेंटिलेटर मौजूद थे। उनमें नवजात शिशुओं को respiratory support देने के लिए सीमित क्षमता थी और कई मामलों काफी दिक्कतें भी पेश आती थीं। आमतौर पर समय से पहले जन्मे बच्चों या नवजात शिशुओं को जन्म के तुरंत बाद respiratory support और small volume ventilation की आवश्यकता होती है। कई नवजात शिशुओं में Respiratory Distress Syndrome होता है, खासतौर से 1 किलोग्राम से कम वज़न के बच्चों को ventilatory support यानि श्वास संबंधी सपोर्ट देने की ज़रूरत होती है।

इस ज़रूरत के मुकाबले पुराने वेंटिलेटर बेहद सीमित क्षमता वाले होते हैं। कई बार नवजात शिशुओं को श्वास संबंधी सपोर्ट के लिए कम मात्रा में हवा दिये जाने की ज़रूरत होती है लेकिन पुराने वेंटिलेटर आवश्यकता से ज़्यादा मात्रा में हवा शिशुओं के फेफड़ों में प्रवाहित करते हैं, ऐसे में फेफड़ों को नुकसान पंहुचता है जो शिशुओं के लिए काफ़ी घातक साबित हो सकता है। ऐसे में इस तरह के नए वेंटिलेटर से शिशुओं की आवश्यकतानुसार high frequency oscillatory ventilation किया जा सकता है।

सामान्यतः शिशुओं को जब वेंटिलेटर की मदद से श्वास संबंधी सपोर्ट दिया जाता है तो वह 40-50 बार प्रति मिनट की गति से होता है। इस वेंटिलेटर से शिशुओं को 600-1000 बार प्रति मिनट की गति से श्वास दिलाया जा सकता है। नवजात शिशुओं में high frequency oscillatory ventilation से lung injury के खतरे को काफी कम किया जा सकता है, जो पारम्परिक वेंटिलेटर के मामले में काफी अधिक होता है।

नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई के प्रभारी, प्रो. अशोक कुमार ने बताया कि इस नए वेंटिलेटर के लगने से विभाग के स्नातकोत्तर छात्रों के अध्ययन में भी काफी लाभ होगा। छात्रों को शिशुओं को वेंटिलेशन के नए प्रकार व उसकी प्रक्रिया को सीखने का अवसर व शिशुओं के समुचित उपचार करने के बारे में भी इस नई मशीन के आने से सीखने को मिलेगा। उन्होंने बताया कि जल्द ही अस्पताल में ऐसे तीन और वेंटिलेटर आएंगे।

चिकित्सा अधीक्षक, सर सुन्दरलाल अस्पताल, प्रो. एस. के. माथुर ने बताया कि इस वेंटिलेटर की कीमत लगभग 25 से 26 लाख रूपये तक है। इस वेंटिलेटर के आने से सर सुन्दरलाल अस्पताल उन चुनिंदा अस्पतालों में शामिल हो गया है जहां इस क्षमता के वेंटिलेटर की सुविधा उपलब्ध है।

इस वेंटिलेटर में नवजात शिशुओं की आवश्यकताओं के अनुरूप ज़रूरी परिवर्तन किये गए हैं। सर सुन्दरलाल चिकित्सालय में बेहतर क्षमता वाले नए वेंटिलेटर आने से नवजात शिशुओं के बेहतर एवं प्रभावी उपचार व देखभाल की क्षमता तो बढ़ेगी ही इससे आमजन को काफी लाभ होगा।

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