March 3, 2021

Uttar Pradesh Samachar

Hindi News, Today Hindi News, Uttar Pradesh News

वाराणसी : फर्जी पासपोर्ट बनवाने के फिराक में अफगानी नागरिक व उसका मास्टरमाइंड साथी गिरफ्तार

वाराणसी : भारतीय पासपोर्ट बनवाने की फिराक में भाषा के चक्कर मे फसे अफगानिस्तान के इबादत उल्लाह उर्फ आबिद की बड्ड करने वाले तीन युवकों को वाराणसी पुलिस ने आजमगढ़ से उठा लिया है। वाराणसी और आजमगढ़ में आईबी, एटीएम, एनआइए से जुड़े अधिकारी हिरासत में लिए गए युवकों से पूछताछ कर रहे है। फर्जी पासपोर्ट बनवाने के प्रयास में गिरफ्तार किए गये अफगानी नागरिक और उसके सहयोगी ने वाराणसी पुलिस की पूछताछ में कई सनसनीखेज खुलासे किये हैं। एसपी सिटी दिनेश सिंह ने रविवार को दोनो आरोपियों को मीडिया के सामने पेश किया।

कुवैत में नौकरी पाने के लिए रची थी साजिश


पुलिस पूछताछ में अफगानी नागरिक आबिद अब्दुल्ला ने बताया है कि मुझे साहबे आलम, जो कि‍ आजमगढ़ का रहने वाला है, उसने पासपोर्ट बनवाने के लिए भारत बुलवाया था, क्योंकि मुझे कुवैत जाना था और कुवैत ने अफगानिस्तान, पाकिस्तान, ईरान, इराक और सीरिया के नागरिकों को वीजा देने से बैन कर दिया है।

पहले तैयार कराया फर्जी पासपोर्ट

यहां देखे वीडियो


अफगानी नागरि‍क आबि‍द अब्‍दुल्‍ला के अनुसार साहबे आलम ने उससे कहा था कि तुम भारत चले आओ मैं तुम्हारा पासपोर्ट बनवाकर तुम्हे कुवैत भेज दूंगा। इसके बाद मैं 11 जनवरी को भारत आया और 5-6 दिन दिल्ली में घूमा। 16 जनवरी को साहबे आलम ने कहा कि तुम आजमगढ़ चले आओ क्योंकि तुम्हारा पासपोर्ट का काम आगे बढ़ाना है। इसलिए मैं 17जनवरी को आजमगढ़ आकर साहबे आलम के घर पर रूका। साहबे आलम ने भारत के पते पर जावेद के नाम से मेरा फर्जी वोटर आईकार्ड और आधार कार्ड बनवाया, जिसपर मेरा फोटो लगा है और आज मेरे साथ पासपोर्ट बनवाने के लिए वाराणसी आया था, लेकिन संदेह होने पर मुझे छोड़कर भाग गया।

मेडिकल वीजा लेकर आया था भारत


पूछताछ में आबि‍द अब्‍दुल्‍ला ने बताया कि मैंने भारत आने के लिए मेडिकल वीजा लिया था क्योंकि मुझे कुवैत जाना था, इस काम के लिए मैने साहबे आलम को 20 हजार रुपया दिया था और साहबे आलम ने मेरा मेडिकल वीजा जोकि‍ अफगानिस्तान से बना था, उसको फाड कर फेंक दिया ताकि किसी को शक न हो।

कुवैत में करता था मजदूरी


वहीं पुलिस के पूछताछ में आजमगढ़ नि‍वासी साहबे आलम ने बताया कि मैं वर्ष 2013 में कुवैत दो वर्ष के लिए वर्किंग वीजा पर वेल्डिंग के काम के लिए गया था। वहां जाने पर मुझे पता चला कि मुझे वेल्डिंग का काम नहीं, बल्‍कि‍ बकरी चराने का काम करना है और मुझे 200 दिनार की जगह केवल 55 दिनार महिने के मिलेगें। जब मेरे वीजा की अवधि‍ समाप्त होने वाली थी और मुझे लगा कि ये लोग मुझे वापस भारत भेज देगे तो मैं अपना सारा सामान अपने मालिक के पास छोड़कर वहां से भाग गया। उस दौरान मेरी मुलाकात एक अली नाम के व्यक्ति से हुई जो अफगानी था, जिसके पास मैं वर्ष 2018 तक रहा और वेल्डिंग का काम किया। उसी दौरान कुवैत की सरकार ने एक नियम निकाला जिसके तहत जो लोग अवैध तरीके से देश में रह रहे थे, वो लोग वन टाइम आपाती आउटपास लेकर अपने- अपने देश लौट सकते थे। इस लिए मैं अली की मदद से आपाती आउटपास लेकर वहाँ से भारत आ गया।

पैसे की लालच में बनवाता था फर्जी पासपोर्ट


पूछताछ में साहबे आलम ने बताया कि लौटने के समय अली ने मुझसे कहा कि अफगानिस्तान के बहुत सारे लोग हैं जो कुवैत आना चाहते हैं लेकिन कुवैत की सरकार उनको वीजा नहीं देती है, तुम भारत जाकर ऐसे लोग जो कुवैत आना चाहते हैं उनका फर्जी पासपोर्ट बनवा देना और उसके लिए तुम्हें बहुत सारे पैसे मिलेगे। मेरे घर की हालत ठीक नहीं थी और मेरे उपर कर्ज था, इसलिए मजबूरी में मैं इस काम में लग गया। इस तरह फर्जीवाडा करके मैने कई विदेशियों का फर्जी पासपोर्ट बनवाया लेकिन इस बार पकड़ा गया। फिलहाल वाराणसी पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 419, 420, 467, 468, 471 व 14 विदेशी अधिनियम 1946 के तहत केस दर्ज करते हुए आगे की क़ानूनी कार्रवाई कर रही है।

गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम

प्र0नि0 राजीव रंजन उपाध्याय, उ0नि0 मुकेश तिवारी चौ0प्र0 अस्सी, उ0नि0 प्रकाश सिंह, चौ0 प्र0 दुर्गाकुण्ड, उ0नि0 राहुल यादव, का0 राजन पाण्डेय, का0 विनित सिंह थाना भेलूपुर वाराणसी।

You may have missed