November 24, 2020

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वाराणसी : अब काशी के नाविकों की मदद के लिए आगे आये अभिनेता Sonu Sood

वाराणसी : बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद की दरियादिली को लेकर हर कोई उनकी तारीफ रहा है। लोग उनकी तारीफ करते नहीं थक रहे हैं। कोई उनके लिए कविता लिख रहा है तो केाई उन्हें भगवाना का दर्जा दे रहा है। सोनू सूद के लिए अब हर किसी की जुबां से एक ही बात निकलती है-‘एक ही तो दिल है, कितनी बार जीतोगे सोनू’। दिल जीतने वाला काम सोनू ने एक बार फिर किया है।

अभिनेता सोनू अब बनारस के नाविकों के मदद के लिए आगे आये हैं। लॉकडाउन के दौरान कई प्रवासियों को घर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी उठाने वाले सोनू सूद ने काशी के माझी परिवारों की सुध ली है। इस बार सोनू ने गंगा सेवकों के सामने आजीविका का संकट आने के बाद मदद का आश्वासन दिया है। उन्होंने एक ही दिन में मदद पहुंचाने का आश्वासन देकर काशी में नाविकों को मानो संजीवनी दी है।

समाजिक कार्यकर्ता ने सोनू सूद को किया ट्वीट

काशी में नाविकों की समस्या को देखते हुए सामाजिक कार्यकर्ता दिव्यांश उपाध्याय ने सोनू सूद को काशी के इन नाविकों के बारे में सोशल मीडिया पर ट्वीट कर ये जानकारी दी थी। जिसमे दिव्यांशु ने लिखा था कि – ‘वाराणसी के 84 घाटों में 350 कश्ती चलान वाले परिवार आज दाने-दाने के लिए तरस रहें हैं। इन 350 नाविक परिवारों की आप आखरी उम्मीद हो।’ सामाजिक कार्यकर्ता की ओर से इस संबंध में गंगा घाट और गंगा में बाढ़ की भी कई तस्वीरें भी पोस्ट की गई हैं।

…आज के बाद कोई भूखा नही सोएगा

गंगा में बाढ़ आने के कारण और मुश्किलें इनकी बढ़ गई है! काशी में 15 से 20 दिन तक इनके बच्चों को भूखे पेट न सोना पडे। ट्वीट का संज्ञान लेते हुए अभिनेता सोनू सूद ने जवाब दिया कि अब नाविकों के परिवार की जिम्मेदारी उनकी है। उन्होंने पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा कि – ‘वाराणसी घाटों के यह 350 परिवारों का कोई भी सदस्य आज के बाद भूखा नहीं सोएगा। आज मदद पहुंच जाएगी।

कोरोना काल मे प्रवासियों के लिए बने थे मसीहा

इस पहले बता दे कि लॉकडाउन के दौरान सोनू सूद प्रवासियों के लिए एक मसीहा के रूप में सामने आए हैं। लॉकडाउन में प्रवासियों को उनके घरों तक पहुंचाना, प्रवासी रोजगार ऐप की शुरुआत, बाढ़ से जूझ रहे असम और बिहार के लिए स्पेशल हेल्प पहुंचाना आदि ऐसे कई कामों को वह अंजाम दे चुके है। सोनू सूद इससे पहले वाराणसी के कई लोगों को मुंबई से सुरक्षित घर पहुंचा चुके हैं। विदेश में फंसे पूर्वांचल के कई छात्रों को भी कोरोना संक्रमण काल में विमान से वह उनके घर सुरक्षित पहुंचा चुके हैं।

पहले भी काशी के कुम्हारों की मदद कर चुके है सोनू सूद

बता दे कि इससे पहले मार्च माह में लॉकडाउन के बाद अनलॉक शुरू होते ही नाविकों के लिए कमाई करने का मौका मिला, लेकिन गंगा में बाढ़ की वजह से जिला प्रशासन ने एक बार फिर 15 सितंबर तक के लिए गंगा में नौका संचालन बंद कर दिया। जिसके बाद से ही नाविकों की आजीविका एक बार दोबारा प्रभावित हो गई। इससे पहले सोनू के काशी कुम्हारों को भी राशन पहुंचवाया था। जिसपर समाजसेवी दिव्यांशु ने ट्वीट करके उन्हें धन्यवाद दिया था। सोनू ने उनका आभार जताया था।