वाराणसी : …अब मोबाइल बताएगा योग करने का सही तरीका

वाराणसी। वर्तमान में लोगों में स्वस्थ रहने के प्रति जागरूकता आयी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सबसे पहले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने का प्रस्ताव दिया था, जिसे संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) ने इस प्रस्ताव को पसंद किया और 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता दे दी। योग शारीरिक गतिविधि या व्यायाम का एक उत्कृट रूप है। परंतु इसका शरीर पर प्रतिकूल असर तभी होता है जब किसी प्रशिक्षक के ट्रेनिंग में इसे सही तरीके से किया जाए।

मौजूदा समय में लोग योग करने के लिए सोशल मीडिया पर उपलब्ध वीडियो, फोटो और लेखों का सहारा लेकर घर में योग आरंभ कर दे रहे हैं। मगर कौन सा योग सही है और किस तरीके से करना है इसका अभाव होने से या तो लोगों को इसका लाभ नहीं हो रहा या उल्टे लोग अपना नुकसान कर ले रहे हैं।

तृतीय वर्ष के छात्र ने बनाई वेबसाइट

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (काशी हिन्दू विश्वविद्यालय) के केमिकल इंजीनियरिंग के तृतीय वर्ष के छात्र विद्याभूषण ने मल्टीप्लेयर योग गेमप्ले (एमपीवाईजी) द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस आधारित योग प्लेटफार्म का पहला संस्करण तैयार किया है। यह प्लेटफार्म नैसकॉम फाउंडेशन, सिस्को थिंगक्यूबेटर के मेंटरशिप, आर्थिक सहायता और एनसीएल-आईआईटी बीएचयू इन्क्यूबेशन सेंटर के तकनीकी मदद से बनाया गया है।

इस संदर्भ में विद्याभूषण ने बताया कि एमपीवाईजी योग के क्षेत्र में एक नवाचार है। यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑगमेंटेड रियाल्टी आधारित सामुदायिक योग मंच है। यह लोगों स्वास्थ्य संबंधी कारकों को ध्यान में रखकर योग का चुनाव कराएगा और लोगों को सही तरीके से योग करवाने के उद्देश्य से बनाया गया है।

ऑडियो-वीडियो से बताएगा योग का सही तरीका

उन्होंने बताया कि एमपीवाईजी अपने ऑटो डिटेक्शन फीचर से न केवल गलत योग पोस्चर का पता लगाता है बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा ऑडियो-वीडियो सहायता से उसे सुधारता भी है। फिलहाल इस प्लेटफार्म को वेबसाइट एमपीवाईजी डॉट इन से उपयोग किया जा सकता है और अन्य फीचर के लिए वेबसाइट की प्रतीक्षा सूची में अपना ईमेल डाला जा सकता है।

नैसकॉम फाउंडेशन के प्रमुख रमना वेमुरी ने छात्र की इस उपलब्धि पर हर्ष जताया है और टीम को बधाई देते हुए भविष्य में हर संभव मदद करने का भरोसा भी दिया है।

सही सूर्य नमस्कार सिखाएगा ’योगा हेल्प’

संस्थान के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ हरि प्रभात गुप्ता व उनकी टीम डॉ अशाीष गुप्ता, डॉ तनीमा दत्ता, डॉ प्रीति कुमारी, राहुल मिश्रा ने ’योगा हेल्प’ नामक एक तकनीकी विकसित की है, जो लोगों को बिना किसी प्रशिक्षक की देखरेख के योग के सही तरीके को सीखने में मदद करती है।

डॉ हरि प्रभात गुप्ता ने बताया कि ’योग हेल्प’ स्मार्टफोन के सेंसर का लाभ उठाकर सूर्य नमस्कार योग के 12 लिंक-स्टेप्स को उनके शुद्धता स्तर के साथ पहचानता है। इस तकनीक को जून-21 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जर्नल में स्वीकार और प्रकाशित किया जा चुका है। पूर्ण सुविधाओं और क्लाउड समर्थन के साथ यह तकनीक अक्टूबर 2021 में एंड्रॉइड और आईओएस मोबाइल फोन उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध होगी।

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