January 27, 2021

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रायबरेली : पुलिस की पिटाई से युवक की हुई मौत, परिजनों ने लगाया आरोप

रिपोर्ट : रायबरेली से संवाददाता सुफील खान

रायबरेली : बाईक चोरी के आरोप में पकडे गये एक युवक की पुलिस अभिरक्षा में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस पिटाई से युवक की मौत का आरोप लगाते हुए कोतवाली लालगंज में जमकर हंगामा किया। ग्रामीणों का आक्रोश देखते हुए एसडीएम, सीओं समेंत पूरे सर्किल की फोर्स मौके पर जमी रही।

प्राप्त जानकारी के अनुसार लालगंज कोतवाली क्षेत्र के बेहटा कलां गांव निवासी दो भाई सोनू व मोनू को पुलिस बाईक चोरी के आरोप में उठा लाई थी। जिनको कई दिनों तक थाने में रखा गया तथा बाद में सोनू को तो पुलिस ने छोंड दिया, लेकिन मोनू पुलिस की गिरफ्त में था। इसी बीच उसकी हालत अचानक बिगड गई जिसके बाद पुलिस उसे लेकर आनन-फानन सीएचसी पहुंची जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया।वहीं उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

मृतक की मां ने बताया कि पुलिस उसके दोनों बेटों को 26 अगस्त को घर से उठाकर लाई थी। इसी दौरान दोनों को पुलिस ने गांव में ही जमकर मारापीटा था। जिसके बाद कोतवाली में लगातार उसे थर्ड डिग्री टार्चर किया गया। दो दिन पूर्व उसके बेटे सोनू को तो पुलिस ने छोंड दिया लेकिन मोनू को निरंतर पुलिस द्वारा प्रताडित किया जाता रहा।जिसके चलते ही उसकी मौत हुई है।

पीड़िता ने गांव के सैकडों लोगों के साथ कोतवाली पहुंचकर आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किये जाने की मांग करते हुए कहा कि उसके जीने का सहारा छीनने वाले दोषियों को सजा अवश्य मिलनी चाहिये। समाचार लिखे जाने तक पुलिस ने रिपोर्ट नहीं दर्ज की जिससे नाराज ग्रामीणों ने जमकर हंगामा भी काटा। ग्रामीणों का आक्रोश देखते हुए उपजिलाधिकारी जीतलाल सैनी, क्षेत्राधिकारी इंद्रपाल सिंह समेंत खीरो, सरेनी, गुरूबक्शगंज थाने के पुलिस बल को मौके पर बुलाया गया है।

वहीं सूत्रों के अनुसार पीडित की मौत को कारोना की वजह से होना बताया जा रहा है।जबकि दबी जुबान से लोग पुलिस की ओर से परिजनों पर समझौते का दबाव भी बना रहे हैं ऐसा कहते सुने गए। इस सम्बध में प्रशासन भारी रकम देकर समझौते का दबाव डाल रही है किंतु मृतक की मां व भाई तथा बेंहटा ग्राम सभा के सैकडों की संख्या में आये लोग एफआईआर पर अड़ें हुए हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि पांच दिन से कोतवाली में रखकर उसे निरंतर प्रताडित किया जाता रहा तथा उसके साथ मारपीट की जाती रही है। ग्रामीणों ने कहा कि यह नियम विरूद्व है यदि उसे जेल ही भेजना था तो 24 घंटे पर्याप्त थे। कोरोना का आरोप निराधार बताते हुए परिवारीजनों ने बताया कि चाहे जो कुछ भी हो जाये किंतु पुलिस के खिलाफ वह एफआईआर न लिखने पर मुख्यमंत्री तक पहुंचकर शिकायत करेगें।

वहीं लालगंज कोतवाली के सामने भारी संख्या में मौजूद लोगों ने जमकर नारेबाजी कर रोड जाम कर एस आई जे पी यादव को गिरफ्तार व सस्पेंड करने की गुहार लगाते हुए रोड को जाम कर रखा है!मौके पर एडिशनल एसपी नित्यानन्द राय के पहुंचने के बावजूद भी कोई कार्रवाई न होने पर लोगों ने जमकर हंगामा काटा व इस दौरान आक्रोशित भीड द्वारा मार्ग से गुजर रहे ट्रक पर पथराव शुरू कर दिया गया।

जिसके बाद मौके पर मौजूद सर्किल फोर्स द्वारा लाठीचार्ज कर दिया गया और इस दौरान भीड़ के रूप में उपस्थित लोगों के साथ-साथ घटना की कवरेज करने गए पत्रकारों पर भी पुलिस द्वारा लाठियां भांजी गईं!अब देखना अहम होगा कि क्या पुलिस के उच्चाधिकारियों द्वारा पीड़ित परिवार को इंसाफ मिल पाएगा या फिर ऐसे ही मामले को ठंडे बस्ते में डालकर रफा-दफा कर दिया जाएगा।

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