वाराणसी : कठपुतली के माध्यम से वैक्सिनेशन के लिए लोगों को किया जा रहा जागरूक

वाराणसी। कोरोना प्रति शासन-प्रशासन द्वारा लोगों को जागरूक किया जा रहा है। वही समाजिक संस्थाए भी लोगों को कोरोना गाइडलाइंस का पालन कराने में जुटी है। इसी क्रम अपने अलग ही अनूठे अंदाज में सर सुन्दरलाल चिकित्सालय के पूर्व चिकित्सक अधीक्षक प्रो. विजयनाथ मिश्र ने ऑक्सीजन फेरीवाला के बाद अब कठपुतली से लोगों को कोविड के प्रति जागरूक करने की पहल की है। कठपुतली के माध्यम से लोगों को कोविड़ वैक्सीन लगवाने और कोविड़ प्रोटोकॉल (मास्क लगाने, सेनेटाइज करने और दो गज दूरी) का पालन करने की भी अपील करेगा।

गावों में टीकाकरण को लेकर लोगों में सुस्ती को देखते हुए यह कदम उठाया है। गावों में पहले भी कोविड़ को लेकर जागरूकता कम थी, अब जब सब धीरे-धीरे अनलॉक होने लगा है तो गावों की जनता कोविड़ प्रोटोकॉल का पालन नहीं कर रही है, ऐसे में इस समय कोविड़ गाइडलाइंस का पालन करने की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। उन्होंने इस अभियान के तहत पहले दिन रोहनियां के हरिहरपुर गाँव में कठपुतली से जागरूकता फैलाई गई।

प्रो. विजयनाथ मिश्र द्वारा शुरु किया गया ऑक्सीजन फेरीवाला तब शुरु किया गया था जब देश में ऑक्सीजन को लेकर हाहाकार मचा हुआ था। उस वक्त वालेंटियर्स गाँव-गाँव जाकर लोगों का ऑक्सिमीटर से ऑक्सीजन लेवल चेक कर चिकित्सकों के सलाह पर उन्हें दवा और सलाह देते थे। इसके साथ ही काशी हिंदू विश्वविद्यालय के सर सुन्दरलाल अस्पताल के मुख्यद्वार पर भी अपने वॉलेंटियर्स तैनात किए थे, जो मरीजों की कोविड़ संक्रमणकाल में मदद करते थे। यह वॉलेंटियर्स उन मरीजों को ऑक्सीजन लगाते थे जिन्हें एम्बुलेंस छोड़कर चली जाती थी और उन्हें ऑक्सीजन की आवश्यकता थी।

इस संदर्भ में प्रो० विजयनाथ मिश्र ने बताया कि लोकनाट्य धीरे-धीरे लुप्त हो गया है, उन्हें रोजगार की कमी है। ऐसे में हम चिकित्सक का जागरुकता फैलाने का काम हो जाता है और उन कलाकारों को रोजगार मिल जाता है। कठपुतली कलाकार राजेन्द्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि उनके समूह में महिला-पुरुष कुल आठ कलाकार है, जिन्हें रामलीला के वक्त ही रोजगार मिल पाता था। लेकिन अब हमें जागरूकता फैलाने के साथ रोजगार भी मिल गया है।

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