वाराणसी : पद्मश्री रामयत्न शुक्ल को मंत्री रवीन्द्र जायसवाल ने किया सम्मानित

वाराणसी। राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवीन्द्र जायसवाल ने भारत सरकार द्वारा पद्मश्री सम्मान से सम्मानित आचार्य रामयत्न शुल्क को उनके खोजवां स्थित आवास पर जाकर भेंट व शॉल ओढ़ा कर उनका आशीर्वाद लिया।

ज्ञात हो अभी कुछ दिन पूर्व ही पद्मश्री सम्मानों की घोषणा की। जिसमे काशी के वरिष्ठ संस्कृत के विद्वान आचार्य रामयत्न शुक्ल को भी पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया है। मंत्री रवीन्द्र जयसवल ने कहा कि आचार्य रामयत्न शुक्ल 89 वर्ष की आयु में भी युवाओं को संस्कृत के प्रति जागरूक कर रहे है। युवा पीढ़ी को संस्कृत से जोड़ने के लिए वें उन्हें मुक्त शिक्षा भी देते हैं।

आचार्य रामयत्न शुक्ल ने अध्टाध्यायी की वीडियो रिकार्डिंग तैयार करवायी है,जिसके माध्यम से संस्कृत के लुप्त होते ज्ञान को सहज रूप में नई पीढ़ी तक पहुँचा रहे हैं। इसके लिए उन्हें वर्ष 2015 में संस्कृत के शीर्ष सम्मान ‘विश्वभारती’ से भी सम्मानित किया जा चुका है।

उन्होंने बताया कि 89 वर्ष की आयु में भी आचार्य रामयत्न शुक्ल नई पीढ़ी को संस्कृत से जोड़ने की मुहिम चला रहे है। आचार्य शुक्ल को पद्मश्री संस्कृत साहित्य कि तपोसाधना का सम्मान हुआ है। काशी विद्वत्परिषद् कि गौरवशाली परंपरा का सम्मान है। उत्तर प्रदेश सरकार धार्मिक निर्णय लेने में हमेशा काशी विद्वत्परिषद् का मार्गदर्शन लेती हैं।

मंत्री ने कहा काशी के सांस्कृतिक विकास में आपका सहयोग सदा रहा है। आचार्य रामयत्न शुक्ल जी ने कहा कि मैं अपना जीवन संस्कृत शास्त्रों कि रक्षा मे अर्पित किया हूं। काशी की शास्त्रार्थ परम्परा जीवित रहे सरकारे भी सहयोग करें। मंत्री रवीन्द्र ने कहा आने वाले समय मे आचार्य रामयत्न शुक्ल के द्वारा शिक्षित छात्र आने वाले समय मे समाज को नई दिशा प्रदान करेंगे और ऐसे ही और सम्मान प्राप्त करेंगे।

इस दौरान प्रो.रामनारायण द्विवेदी, डॉ कमलेश झा, शशांक त्रिपाठी, सुमंत पांडेय और अन्य छात्र भी मौजूर रहे।

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