वाराणसी : मदद के लिए आगे आई सरकार, ‘मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना’ की विधिवत हुई शुरुआत

वाराणसी। कोविड-19 प्रभावित बच्चों को मदद पहुँचाने के लिए प्रतिबध्द प्रदेश सरकार ने गुरुवार को एक सराहनीय कदम उठाते हुए ‘उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना’ की विधिवत शुरुआत कर दी। इस योजना के तहत प्रदेश भर में चिन्हित 4050 ऐसे बच्चों को जिन्होंने कोरोना काल (मार्च 2020 से) में माता-पिता दोनों या उनमे से किसी एक को खोया है, उनके अभिभावकों के बैंक खातों में सहायता राशि का अंतरण शुरू कर दिया गया। इसमें वाराणसी मण्डल के 302 बच्चे भी शामिल है, जिन्हें इस योजना का लाभ मिलेगा।

गुरुवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उ. प्र. मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना’ का लखनऊ में विधिवत शुरुआत किया। इस कार्यक्रम का प्रसारण प्रदेश के सभी जिलों में किया गया। इसके तहत वाराणसी के आयुक्त सभागार में भी कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें चिन्हित बच्चों में 15 बच्चे अपने अभिभावकों के साथ शामिल हुए।

लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखने के बाद प्रतिकात्मक रूप से 15 बच्चों को स्वीकृतिपत्र, स्कूल बैग प्रदान किया गया। स्कूल बैग में योजना का स्वीकृति प्रमाणपत्र, स्टेशनरी, पेन्सिल बॉक्स, लंच बॉक्स आदि था। इस योजना में वाराणसी के 159, चंदौली के 30, जौनपुर के 95 और गाजीपुर के 18 बच्चों को फिलहाल शामिल किया गया है। इन सभी के अभिभाकों के बैंक खाते में 4000 रूपये प्रतिमाह दिए जाएंगे, जिसके जरिए वह बच्चों के भरण-पोषण, शिक्षा, चिकित्सा आदि की व्यवस्था का पूरा ध्यान रख सकेंगे।

कमिश्नरी ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के शुभारंभ कार्यक्रम का लाइव प्रसारण हुआ। जिसे जनप्रतिनिधियों, बच्चों एवं अभिभावकों ने देखा व सुना। सभागार में अध्यक्ष जिला पंचायत पूनम मौर्या, महापौर मृदुला जायसवाल, विधायक सौरभ श्रीवास्तव एवं सदस्य राज्य महिला आयोग अर्चना, प्रभारी जिलाधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी मधुसूदन हुलगी, जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रवीन त्रिपाठी सहित अन्य अधिकारी, गणमान्य नागरिक, बच्चों व उनके अभिभावक उपस्थित रहे। उन्होंने योजना के लाभ के लिए चयनित जनपद के 15 बच्चों को प्रतीकात्मक स्वीकृति पत्र, खाने-पीने की वस्तुएं वितरित की।

कोविड कॉल में जिन बच्चों ने माता-पिता दोनों या एक को खोया है। उनकी देखभाल व शिक्षा के लिए प्रदेश सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना लागू की गई है। योजना में 18 वर्ष तक की आयु के बच्चों को उनकी देखरेख हेतु प्रतिमाह 4 हजार रूपये आर्थिक सहायता और कक्षा 9 से ऊपर की शिक्षा प्राप्त करने वाले 18 वर्ष की आयु के बच्चों को लैपटॉप/टेबलेट देने की व्यवस्था है। बालिकाओं के विवाह योग्य होने पर एक लाख एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। ऐसे बच्चों के लिए कस्तूरबा गांधी बालिका, अटल आवासीय विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा की भी व्यवस्था है।

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