March 7, 2021

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वाराणसी : महानिर्वाणी घाट को फ़िल्म के लिए बना दिया मणिकर्णिका घाट, BHU के पूर्व एमएस ने जताया आपत्ति, सीएम-डीएम को किया ट्वीट

वाराणसी : कन्नड़ फिल्म ‘मदगजा’ की इन दिनों वाराणसी में शूटिंग हो रही है। इसके फिल्मकारों ने मूवी में महाश्मशान को दिखाने के लिए धार्मिक महत्व के महानिर्वाणी घाट पर मणिकर्णिका घाट का सेट सजा दिया, जिसे लेकर विवाद खड़ा हो गया है। वही इसको लेकर बीएचयू के सर सुंदरलाल चिकित्सालय के पूर्व चिकित्सा अधीक्षक डा. विजयनाथ मिश्रा ने सोमवार देर रात ‘घाटवॉक’ के दौरान महानिर्वाणी घाट पर महाश्मशान का मॉडल देखकर उसकी तस्वीर ली और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और डीएम कौशल राज शर्मा को टैग किया है। तस्वीर संग डॉ. मिश्र ने ट्वीट किया कि किसके आदेश से पवित्र महानिर्वाणी घाट को महाश्मशान बना दिया। फिल्म शूटिंग में घाटों का गलत चित्रण किया जा रहा है, ये गलत है। इसे रोकने के लिए सबको सामने आना चाहिए। डीएम से अनुरोध है कि वह घाटों के गलत चित्रण-फिल्माकंन को रोके। इसके साथ ही बनारस की जनता के लोगो के आस्था के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

इस सम्बंध में मीडिया से बात करते हुए प्रो. विजय नाथ मिश्रा ने बताया कि शिकायत तो नही सिर्फ हमने अपनी बातें कही थी। यदि चेतसिंह घाट से जैसे ही आप आगे बढ़े तो काशी के 84 घाटों की जो श्रृंखला है उसमें एक सबसे महत्वपूर्ण घाट आता है महानिर्वाणी घाट जो इस देश के सन्यास और सन्यासी जीवन का एक बहुत बड़ा ध्वजापताका है उस महानिर्वाणी घाट पर 10, 20 घोड़े का अस्तबल बनाया शमशान की लकड़ियां चिता जलाके टाल बनाई और लकड़ियां सजा दिया और चीता जैसे जलती है वैसे जला दिया और मतान लगा दिया मैं तो महानिर्वाणी घाट पर यह देख कर के अचंभित हो गया कि यह क्या हो गया यह रातों रात में क्या परिवर्तन हो गया किसी ने कहा कि डॉक्टर साहब यह शूटिंग हो रहा है हमने कहा यह शूटिंग हो रहा है हमने कहा ये शूटिंग हो रहा है आप यहां चीता जलाए हो जिस जगह पर धुनि रमती थी धुनि जलती है। वहां तुम चिता जला रहे हो तो क्या काशी के घाटों का कोई कुछवाड़ा करने वाला नही है। मतलब कल को आप मंदिर में जाकर शौचालय का शूटिंग कर देंगे। जहां आरती होती है वहा आप जाकर बियर बार की शूटिंग कर देंगे।

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काशी के घाट को घाटवाक विश्वविद्यालय कहते है : प्रो मिश्रा

क्या कोई आस्था नाम की कोई चीज हमलोगों में नही बची है। तो मैंने उस को लेकर मुख्यमंत्री और जिले के डीएम को टैग किया और मैन शर्मा जी को ये भी लिखा कि आदरणीय जिलाधिकारी जी आप इसको संज्ञान ले की किस जगह पर क्या होना चाहिए कुछ तो तय होगा। आप श्मशान का दृश्य महानिर्वाणी घाट को दिखाए इससे घोर अपराध और हो ही नही सकता। आप कहोंगें किस आईपीसी के तहत अपराध है। यह हमारा धर्म हैं हम काशी वासी है। हम काशी के अपने संस्कृति जो हमारा घाट 84 घाट 84 योनि को दिखाता है और पूरा हम इस काशी के घाट को घाटवाक विश्वविद्यालय कहते है। उसमे मैं एक छोटा सा घाटवाकर हु। काशीवासी हु और भी जो लोग थे ये सब देखकर दंग रह गए की आखिर काशी में क्या हो रहा है। काशी में कैसे कोई श्मशान बना सकता है। अब कहे कि ये लोग हम संसद के आगे बियर बार खोलेंगे क्या सरकार इस पर अलाउ करेंगी तो ये काशी का साधु और सन्यासियों का ये पूरा संसद है ये महानिर्वाणी घाट इस ओर चिता जलाना और इसी शूटिंग करके पूरे देश-विदेश में मतलब आप पीछे बैकग्राउंड में महानिर्वाणी घाट दिखाओगे।

शूटिंग किये गए रील को डिलीट किया जाए

जिस महानिर्वाणी घाट को देखने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने मित्र फ्रांस के राष्ट्रपति माइक्रोन को लेकर आए और उसी महानिर्वाणी घाट पर साधु-सन्यासियों का उन्होंने दर्शन किया। वहां ये आकर चिता के दर्शन करा रहे फ़िल्म निदेशक महोदय मेरी सरकार से अनुरोध है इनको तत्काल गिरफ्तार किया जाए पूरी यूनिट सेट वालो को गिरफ्तार किया जाए मुकदमा चलाया जाए। और यूनिट सेट से वो शूटिंग किये गए रील को डिलीट किया जाए जिसे महानिर्वाणी घाट को श्मशान दिखाया है।