ABVP ने JNU की घटना को बताया वामपंथी हिसा, गिरफ्तारी के लिए निकाला मार्च

वाराणसी : बीएचयू एबीवीपी ने जेएनयू हिंसा को बताया वामपंथी हिंसा, गिरफ्तारी के लिए मार्च निकाला। इस दौरान महिला महाविद्यालय चौराहे से सिंहद्वार तक निकाले गए विरोध मार्च में शामिल बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इकाई के सदस्यों का कहना था कि शुक्रवार शाम दिल्ली पुलिस के कमिश्नर ने जेएनयू हिंसा में शामिल व्यक्तियों तथा संगठनों का खुलासा कर बता दिया है कि उसमें आईसा, डीएसफ़, एसएफआई, एआईएसएफ़ के लोग शामिल थे। इस तरह वामपंथ प्रायोजित हिंसा का सत्य उजागर हो चुका है।. मार्च में दिल्ली पुलिस द्वारा चिन्हित उपद्रवियों को तत्काल प्रभाव से गिरफ्तार करने की मांग की गई। साथ ही इन चारों वामपंथी संगठनों पर प्रतिबंध लगाने की मांग भी की गई। मार्च के पश्चात सिंहद्वार पर वामपंथ का फोटो भी जलाया गया एबीवीपी सदस्यों ने कहा कि वामपंथी संगठनों द्वारा देश भर के विश्वविद्यालयों में अशांति फैलाने तथा पढ़ाई का माहौल खराब करने का दुष्कृत्य किया जा रहा है।

परिषद के प्रांत संगठन मंत्री विजय प्रताप ने कहा कि, वामपंथ के रूप में कैंपस में मौजूद अर्बन नक्सल संगठनों की पहचान दिल्ली पुलिस द्वारा निष्पक्ष जांच में कर दी गई है। इनपर तत्काल प्रतिबंध लगाकर हिंसा में शामिल तत्वों गिरफ्तार किया जाय।

विभाग संयोजक अधोक्षज पांडेय ने कहा कि देशभर में जहां भी ये वामपंथी संगठन हैं वहा पर ये विपरीत विचारधारा व आम छात्रों पर हिंसा करते रहते हैं इनपर तत्काल प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।
प्रांत मीडिया संयोजक शुभम तिवारी ने कहा कि ये जो नक्सलगर्दी हैं, इसका ईलाज सिर्फ वर्दी हैं। कैंपस में ये अर्बन नक्सल छात्रों पर हमला कर रहे हैं और जंगलों में नक्सली हमारे जवानों पर हमला कर रहे हैं। इन असामाजिक तत्वों का इलाज सिर्फ पुलिस के पास है ,गिरफ्तार कर तुरंत करवाई होनी चाहिए।


इस अवसर पर राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य साक्षी सिंह, विभाग सहसंयोजक अभय प्रताप सिंह, प्रांत उपाध्यक्ष अवधेन्दु सिंह , संगठन मंत्री रत्नेश त्यागी, पुनीत मिश्रा, आशुतोष, यशवीर, बृज गोस्वामी, सौरभ, विशाल, भानू प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।

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