March 7, 2021

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वाराणसी : रामनगर से पड़ाव के बीच गंगा के समानांतर सड़क होगा विकसित, सेवापुरी ब्लाक बनेगा ऑर्गेनिक खेती में मॉडल

वाराणसी। कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने बुधवार को आयुक्त सभागार में प्रधानमंत्री की मंशा के अनुरूप काशी में गुणात्मक सुधार के कार्यो की विस्तार से समीक्षा की। ऑर्गेनिक फार्मिंग पर जोर देते हुए कमिश्नर ने सेवापुरी ब्लाक को ऑर्गेनिक खेती में मॉडल बनाने का सुझाव दिया। इसके लिए एफपीओ को प्रोत्साहित करें।

जनपद के 17 गांवो में 70 किसान खेतों में शहद उत्पादन के कार्य कर रहे हैं। इन गांव को ऑर्गेनिक खेती में बदलने पर बल दिया गया। ताकि वहां उत्पादित शहद स्वतः आर्गेनिक होगा। ऑर्गेनिक खेती का सर्टिफिकेशन अब जनपद में ही एपीडा द्वारा दिया जाना अधिकृत हो गया है। एपीडा ने एक किसान को ऑर्गेनिक खेती में सर्टिफाइड भी कर दिया है।

रुद्राक्ष में 109 किलो वाट का सौर ऊर्जा रूफ टॉप लग गया है। जनपद के समस्त वाणिज्यिक प्रतिष्ठान होटल, सरकारी कार्यालय, वेंडर, आवासी घरों में एलईडी बल्ब के प्रयोग सुनिश्चित हो, इसकी रिपोर्ट मांगी है।

विद्युत विभाग ने बताया कि बिजली कनेक्शन बढ़ रहे हैं लेकिन बिजली का लोड ग्रोथ गत एक वर्ष से स्टेविल है। जो इंगित करता है कि एलईडी बल्ब प्रयोग हो रहे हैं। बच्चों के लिए शहर में हैप्पी स्ट्रीट हो गई है।

गोदौलिया से दशाश्वमेध तथा गोदौलिया से मैदागिन रोड को गौरव पथ के रूप में विकसित किया जा रहा है। वेंडरों का स्वनिधि योजना में डेटाबेस बन चुका है। इनकी आर्थिक सहायता से लाभान्वित कर आर्थिक सुदृढ़ता बनाया गया। वर्तमान में संचालित योजनाओं को हर हाल में इसी वर्ष दिसंबर तक पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। जिस परियोजना में विलंब होगा उसमें जिम्मेदारी तय की जाएगी।

पर्यटन विभाग की सीर गोवर्धन के प्रोजेक्ट की बाधाएं दूर कराने की कार्रवाई हेतु निर्देशित किया गया। वाराणसी में टेंट सिटी बनाने हेतु प्रारंभिक तौर पर एक रूपरेखा बनाई गई है। इसमें और विस्तार से कार्य योजना बनाने को कहा गया।

किसानों को कंपोस्ट खाद के प्रयोग तथा गोबर के सफल मॉडल दूसरे जिलों, राज्यों से पता कर उन्हें जनपद में रिप्लीकेट करने के निर्देश पशु चिकित्सा अधिकारी को दिए गए। मत्स्य उत्पादन बढ़ावा के लिए तालाबों के क्षेत्रफल को बढ़ाने एवं अच्छी मत्स्य बीज से उत्पादन बढ़ाने के कार्य करें।

वाराणसी सहित पूरे मंडल को मत्स्य उत्पादन का प्रमुख क्षेत्र बनाएं। आरोग्य भारत योजना में लाभार्थी इसका बीमारी से लाभ उठाएं, इसके लिए पूर्व उपचारित मरीजों के वीडियो विभिन्न सोशल मीडिया के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग प्रचारित कराये। ताकि लोग प्रोत्साहित हो। कमिश्नर ने काशी में गत 4 वर्षों में उपलब्ध हुए इंफ्रास्ट्रक्चर, सुविधाओं को भी प्रचारित करने पर बल दिया। ताकि आमजन उसका उपयोग कर सकें। बनारस पूर्वांचल सहित आसपास के अन्य राज्यों के लिए भी चिकित्सा के क्षेत्र में हब हैं। फुलवरिया आरओबी में डिफेंस के जमीन का इश्यू समाधान हो गया। बनारस में पैकेजिंग ट्रेनिंग का कार्य शुरू हो गया है।

कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने अधिकारियों के साथ वाराणसी में आगामी समय में विकास, पर्यटन, जनोपयोगिता की दृष्टि से कार्यों के संभावनाओं पर चर्चा की और उन में प्रारंभिक रूपरेखा बनाने को कहा। जिसमें इंटीग्रेटेड टर्मिनल काशी स्टेशन पर, सारनाथ में रिंग रोड तक फोरलेन कनेक्टिविटी बाई रोड, वाराणसी में विभिन्न शहरों से आने वाली सड़कों को बाबतपुर-वाराणसी शहर की सड़क की तर्ज पर विकसित करने, चांदपुर इंडस्ट्रियल एरिया की इंटरलॉकिंग, वॉल पेंटिंग, डोर टू डोर क्लीनिंग, फसाड लाइटिंग आदि से मॉडल एरिया बनाने का निर्देश दिया गया।

अस्सी घाट से रविदास घाट के मध्य घाटों का जीर्णोद्धार तथा ट्रामा सेंटर तक अच्छी कनेक्टिविटी देना, कैन्ट- लहरतारा पुल के नीचे खाली स्थान को विकसित करने, वाराणसी में हाथ के रिक्शो को ई-रिक्शा में बदलने की कार्य योजना, नगर निगम में सम्मिलित नए क्षेत्रों की पेयजल, जलनिकासी, सीवरेज, लाइट, सड़क आदि मूलभूत सुविधाओं का डीपीआर बनाने का निर्देश दिया गया।

वाराणसी को भिखारी मुक्त करने, रामनगर से पड़ाव के बीच गंगा के समानांतर सड़क विकसित करने, ग्राम ऊंडी में वेट लैंड वाटर वोट विकसित करने, हैंडीक्राफ्ट के विकास हेतु सीएफसी का निर्माण, हैंडीक्राफ्ट कलस्टर वार्डों मे साइनेज, लाइट का विकास अधिकारियों की संभावनाएं तलाशते हुए उनका प्रारंभिक प्रोजेक्ट बनाने का निर्देश दिया गया।

इस बैठक में जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा, नगर आयुक्त गौरांग राठी, मुख्य विकास अधिकारी मधुसूदन हुलगी सहित अन्य विभागीय अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।