January 27, 2021

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वाराणसी : केंद्र सरकार की नीतिओ के खिलाफ बैंक कर्मियों की हड़ताल…

वाराणासी : संयुक्त ट्रेड यूनियन के बैनर तले 5 सूत्रीय मांगों को लेकर शुक्रवार को मैदागिन स्तिथ पराड़कर भवन में केंद्र सरकार के नीतिओ के विरोध में बैठक कोया गया। बैठक में कर्मचारियों ने एक स्वर में कहा कि मोदी सरकार की तानाशाही नीतियां मजदूर विरोधी है। देश के मजदूर आजादी के पहले और बाद भी सरकार से लड़ कर अपना अधिकार लेते रहे है, लेकिन अब मोदी सरकार मजदूरों के हित मे नए-नए कानून बना रही है। मोदी सरकार के पक्ष में बदलना चाहती है।

11 वेतन मांग को लेकर ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कांफीडरेशन के बैनर तले बैंककर्मियों की हड़ताल शुरू कर दी है। इस वजह से वाराणसी में स्टेट, बैंक, यूनियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, इलाहाबाद बैंक, पंजाब नेशनल बैंक सहित अन्य बैंको पर लटका ताला। इस दौरान 400 करोड़ का लेंन दें कि प्रभावित हुआ।

एआईबीओसी के सचिव अभिषेक श्रीवास्तव ने कहा कि लंबे वक्त से लंबित वेतनवृद्धि, पुरानी पेंशन बहाली, महबूत रिकवरी नियम कानून, बैंक निजीकरण और फ़्रैक्चर मैंडेट के लिए ये हड़ताल किया गया।

5 दिन में बस एक दिन खुलेगा बैंक

शुक्रवार को हुए हड़ताल की वजह से बैंको के बंद होने से यही समस्या अभी चार दिन और बनी रहेगी। बतादे की 22 दिसंबर को महीने का चौथा शनिवार, 23 को रविवार का अवकाश रहेगा। 24 दिसंबर को बैंक खुलेगा और अगले दिन 25 दिसंबर को क्रिसमस का अवकाश रहेगा।

किस बैंक में कितना प्रभावित रहा

अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि 26 दिसंबर को फिर हड़ताल रहेगा। शुक्रवार की देर शाम शहर के अधिकतर एटीएम में कैश कमी रही। हड़ताल से आजमगढ़ से 30 करोड़ की क्लीयरिंग व 100 करोड़ का लेनदेन प्रभावित रहा। बलिया से 75 करोड़, मऊ से 50 करोड़, सोनभद्र से 90, जौनपुर से 300, भदोही से 20, मिर्जापुर से 75 व चंदौली से 250 करोड़ का लेनदेन प्रभावित रहा।

विरोध प्रदर्शन में ये लोग थे सम्मिलित
मुख्य रूप से विरोध प्रदर्शन में एआईबीओसी उत्तर प्रदेश के संगठन मंत्री अभिषेक श्रीवास्तव, वाराणसी के अध्यक्ष अमिताभ कौशिक, महामंत्री रमेश मौर्य, मंत्री प्रेम प्रकाश, एमपी सिंह, पीएन राय, एन के राय, गिरधर गोपाल, अमित मिश्रा, पूजा यादव, प्रज्ञा सिंह, नवीन आदि के साथ बहुतायत संख्या में महिला एवं पुरूष अधिकारि उपस्थित रहे।

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