November 24, 2020

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वाराणसी : 12 लाख के 695 कछुए बरामद, एक गिरफ्तार

वाराणसी : वाराणसी पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाये जा रहे अपराध व अपराधियों के विरुद्ध चालये जा रहे अभियान मर रविवार को रोहनिया पुलिस ने एक हुंडई गाड़ी से 695 कछुए के साथ एक तस्कर कल गिरफ्तार किया है।

बढ़ते ठंड में कछुए की तस्करी बहुत अधिकतर बढ़ गयी है। अभी कुछ ही दिन पहले कैंट स्टेशन पर भारी संख्या में कछुआ को जीआरपी ने बरामद किया था वही उसी दौरान एक कछुआ तस्कर को गिरफ्तार भी किया था। वही जिले के रोहनिया क्षेत्र रोहनिया पुलिस द्वारा 695 कछुओं के साथ एक तस्कर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। वही पकड़ा गया तस्कर एक दिव्यांग है। जो इसी के आड़ में कछुआ तस्करी का धंधा करता है। ये सभी कछुए एक हुंडई कर से बोरी में भरकर पश्चिम बंगाल ले जा रहा था।

इस सम्बंध में क्षेत्राधिकारी ने बताया कि रोहनिया थाना क्षेत्र के आखरी चौकी प्रभारी संजय कुमार सिंह नको मुखबिर द्वारा सूचना मिली कि एक हुंडई कार गाड़ी नम्बर UP 64 AA 8724 अवैध तरह से कछुआ लेकर पश्चिम बंगाल बेचने ले जाने की फिराक में जा रहा है। इस वक़्त राजातालाब क्षेत्र में है। मुखबिर की सूचना पर विस्वास करते हुए। कार्रवाई करते हुए आखरी बाईपास के पास चेकिंग शुरू की इस दौरान कुछ व्यक्ति एक आसानमानी रंग के हुंडई कार से आते हुए दिखाई दिए जिसे रुकने का इशारा किया गया तो उसमें से सवार व्यक्ति कार से उतर कर भागने लगे कुछ ही दूर पर पुलिस ने अमेठी के जगदीशपुर निवासी फूल मोहम्मद को दौड़ाकर पकड़ लिया।

इसके बाद जब कार की जांच की गई तो उसमें से 10 बोरे में भरकर ले जाया जा रहा 695 कछुआ बरामद किया गया पूछताछ में बताया कि वह कंगाल बेचने के लिए जा रहे थे बरामद कछुओं का मूल्य अंतरराष्ट्रीय बाजार में 12 लाख रुपये आंकी गई।

इस मामले में गिरफ्तार व्यक्ति फूल मोहम्मद ने कहा कि वह बचपन से ही यह धंधा करता है। यह कछुआ जौनपुर से खरीद कर पश्चिम बंगाल लेकर अच्छे दाम में बेचने के लिए ले जा रहा था। उसने बताया कि मैंने गाड़ी बुक किया था और गाड़ी का चालक भाग गया जिसका में नाम- पता नही जानता हूं।

वही बरामद हुए कछुओं को नीरज श्रीवास्तव उपक्षेत्रीय वन्य अधिकारी वाराणसी को सौप दिया।

गिरफ्तारी करने वाली टीम

थाना प्रभारी रोहनिया पी0आर0 त्रिपाठी, एसआई संजय कुमार सिंह, एसआई ओम प्रकाश यादव, उपनिरीक्षक नीरज कुमार ओझा, कांस्टेबल पवन कुमार, कांस्टेबल चंद्र प्रकाश सिंह रहे।