December 5, 2020

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वाराणसी : पुलिस मुठभेड़ में 2 कुंतल 30 किलोग्राम गांजा के साथ, 3 गांजा तस्कर गिरफ्तार…

वाराणसी : वाराणसी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस मुठभेड़ में तीन गांजा तस्कर 2 कुंतल 30 किलोग्राम गांजा के साथ चार पहिया वाहन के साथ तीन गिरफ्तार किए गए।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आनंद कुलकर्णी के कुशल नेतृत्व दिशा-निर्देशन में लोकसभा चुनाव के देखते हुए अवैध मादक पदार्थ अपराध व अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत गुरुवार को पुलिस अधीक्षक अपराध व पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के संयुक्त टीम को एक और सफलता प्राप्त हुई।

जिसमे पुलिस अधीक्षक अपराध के ज्ञानेंद्र प्रसाद और पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मार्तण्ड प्रताप सिंह के संयुक्त टीम को एक और सफलता प्राप्त थानाध्यक्ष लोहता व क्राइम ब्रांच की टीम उच्च अधिकारियों के आदेशानुसार संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। तभी गंगापुर की तरफ से तीन चार पहिया वाहन एक साथ आती हुई दिखाई दिया। इस पर पुलिस बल द्वारा रोकने का इशारा किया गया तो गाड़ी आगे बढ़ा रहे थे। उसके चालक ने गाड़ी रोकते हुए हम पुलिस वालों पर जान से मारने के लिए से चढ़ाने का प्रयास किया। मगर बैरियर लगे होने के कारण भागने में असफल हुए। वही तीनो गाड़ियों से उतरकर 6 लोग भागने लगे तभी पुलिस ने तीन लोगों को पकड़ लिया वही अंधेरे का फायदा उठाकर तीन भागने में सफल रहे।

वही गिरफ्तार किये गए अभियुक्त गण में राहुल सिंह उर्फ उदय प्रताप राय पुत्र भागवत सिंह निवासी बूढ़ापुर थाना रोहनिया वाराणसी, अंकित श्रीवास्तव पुत्र आशीष श्रीवास्तव निवासी मोहन सराय थाना रोहनिया वाराणसी, व संतोष सिंह पुत्र विजय शंकर सिंह निवासी फुलहा थाना चुनार जनपद मिर्जापुर, वही फरार अभियुक्त मनीष सिंह पुत्र अरुण सिंह निवासी टकटकपुर थाना कैंट वाराणसी अशोक राजभर पुत्र राजनाथ राजभर निवासी मढ़ होली राजू जायसवाल पुत्र अज्ञात निवासी सामनेघाट थाना लंका वाराणसी का रहने वाले है। जिनके पास से तीन चार पहिया वाहन जिनकी तालाशी ली गई जिसमे 2 कुंतल 30 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ।

इस सम्बंध में एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि पूछताछ किये गए लोगो ने बताया कि वे लोग बैंक और प्राइवेट कम्पनियों के लिए वाहन सीजर का काम करते थे तभी हाइवे ओर चलने वाले मादक पदार्थों के तस्करों से इनकी मुलाकात हुई। जिससे ये लोग तस्करी कर रहे मादक पदार्थों उतरवाकर गाड़ी ड्राइवर छोड़ देते थे। यही नही जब गाड़ी पकड़ पाते थे तो पुलिस को सूचना देकर गाडू पकड़वा देते थे। इसी के कारण इनपर पुलिस को शक नही होता था और ये माल को आसानी से वाराणसी और आसपास के जिले में बेंच दिया करते थे।

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