November 26, 2020

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वाराणसी : घटनाओं से भी कोई सबक नहीं लिया अग्निशमन विभाग के अधिकारी ने

वाराणसी : बिना परमिशन के ही सैकड़ों से ज्यादा गुब्बारे में गैस भरने वाले सिलेंडर का प्रयोग भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में किया जा रहा है। यदि समय रहते प्रशासन नही चेता को कभी भी बड़े हादसे को कोई रोक नही सकता है।

गुब्बारे में गैस भरने वाले सिलेंडर फटने की जैतपुरा में हुई घटना में कोई नई बात नहीं है इससे पहले भी 4 साल के भीतर आधा दर्जन से ज्यादा सिलेंडर फटने से लोग घायल और झुलस चुके हैं। इसके बाद भी इन घटनाओं में से फायर शमन विभाग के अधिकारियों ने कोई सबक नहीं लिया। जिसका नतीजा यह रहा कि भीड़भाड़ वाले जगहों पर लगातार सिलेंडर फटने का क्रम जारी है लेकिन यदि जैतपुरा की घटना से भी फायर शमन के अधिकारियों ने नहीं चेता तो किसी दिन बड़ी घटना होने से कोई रोक नहीं सकता है। इसके बावजूद अधिकारियों के ऊपर कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा है शहर में सोमवार को खुलेआम गुब्बारे में गैस सिलेंडर से हवा भर कर सड़कों पर बेचते देखे गए है। उनके तरफ किसी भी किसी तरह का ध्यान नहीं गया।

कब-कब हुई ऐसी घटना

1 -भेलूपुर थाना क्षेत्र के गुरुधाम चौराहे के समीप 2 साल पहले 10-2-2017 को गुब्बारे में हवा भरने के दौरान सिलेंडर फटने से उसके चपेट में आने से आधा दर्जन लोग बुरी तरह से घायल हो गए थे।

2- लंका थाना क्षेत्र के नगवा में स्थित गंगोत्री बिहार कॉलोनी मैं मई 2015 में गुब्बारे में हवा भरने के दौरान सिलेंडर ब्लास्ट होने के कारण वहां मौजूद एक दर्जन लोग उसके चपेट में आकर घायल हुए थे।

3- 16 अगस्त को फूलपुर थाना क्षेत्र के जमापुर में मीरा शाह के मेले में गुब्बारे में गैस भरने के दौरान सिलेंडर फट गया था। इससे गुब्बारा बेचने वाला का बेटा और एक युवक झुलस गया था

4- बीते छठ पूजा के दौरान आदमपुर के भैसासुर घाट पर सिलेंडर में आग लग गई थी संयोग अच्छा रहा कि कोई हादसा नहीं हुआ।

5- 7 अक्टूबर 2018 को रामनगर की ऐतिहासिक रामलीला के दौरान भी गुब्बारे में गैस भरने के दौरान सिलेंडर फटा था इस दौरान कई लोग झुलस गए थे।

इस संदर्भ में कानून कार्रवाई करने के बाबत सिविल कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाली अधिवक्ता नमीता झा और राज लक्ष्मी राय ने बताया कि जिला प्रशासन को इस घटना को काफी गंभीरता से लेना चाहिए और जिला फायर समन अधिकारी को बिना लाइसेंस के सिलेंडर प्रयोग करने वाले पर कार्यवाही करना चाहिए ताकि दोबारा ऐसी घटना ना हो सके।